सहकारिता मंत्रालय की पहल से एम-पैक्स बन रही हैं ग्रामीण विकास की धुरी
सहकार से समृद्धि लाने में वन-स्टॉप सॉल्यूशन बनी एम-पैक्स
जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। Jaipur News: सहकारिता मंत्रालय की पहल से ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य कर रही एम-पैक्स अब ग्रामीण विकास की धुरी बन चुकी है। पहले ग्राम सेवा सहकारी समिति केवल किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण मुहैया कराने तक सीमित थी, वही समिति आज सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किये गये 114 नवाचारों में से अपनी आवश्यकता के अनुसार ट्रांसफाॅर्म करते हुए किसानों को नवीन सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
जयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पैक्स परिवर्तन दिवस एवं सहकार चैपाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मा.स.वि.) श्री भोमाराम ने कहा कि आज एम-पैक्स काॅमन सर्विस सेंटर, कस्टम हायरिंग सेंटर, एफ.पी.ओ, जन औषधि केंद्र, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में कार्य करते हुये वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन कर सामने आयी है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा आमजन को सहकारिता से जोड़ा जाना चाहिए तथा ग्रामीण स्तर पर ही एम-पैक्स के माध्यम से उच्च तकनीक आधारित सेवाएं मिलने से शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी एवं ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकेगें।
इस अवसर पर जयपुर संभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार श्री मदन लाल गुर्जर ने बताया कि पैक्स की कार्यप्रणाली को विश्वसनीय एवं सुगम बनाने के साथ दैनिक कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिये कम्प्यूटराइजेशन का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। इस कार्य में पैक्स के पदाधिकारियों को दैनिक रूप से मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता है ताकि तकनीक का ग्रासरूट स्तर तक फायदा मिल सके तथा समिति की कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके।
जयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक श्री दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि सहकार से समृद्धि कार्यक्रम के तहत ‘‘म्हारो खातो-म्हारो बैंक’’ पहल के तहत सहकारी बैंकों में दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों के बैंक खाता खोलने से प्रगति के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने सहकार चैपाल में उपस्थित दुग्ध उत्पादक समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों के जीरो बैलेंस पर खाते खोले जा रहे हैं और ऐसे खाताधारकों के लिये चेक बुक, एटीएम डेबिट कार्ड, आरटीजीएस एवं नेफ्ट जैसी सुविधाएं पूर्णतया निशुल्क हैं। यदि कोई बैंक लाॅकर लेना चाहता है तो ऐसे खाताधारक को लाॅकर किराया में 20 प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान किया गया है।

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