Kota-Bundi Road Safety: कोटा-बूंदी में सड़क दुर्घटना से होने वाली मृत्यु शून्य करने की दिशा में बड़ा कदम

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला की सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक

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Kota-Bundi Road Safety: नई दिल्ली/कोटा। लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिरला ने अपने संसदीय क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से संसद भवन स्थित कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों और संबंधित प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र में सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। Road Safety News

बैठक में ओम बिरला ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़ों का विषय नहीं हैं, बल्कि हर हादसे के पीछे एक परिवार की पीड़ा और समाज की क्षति जुड़ी होती है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क हादसों में बड़ी संख्या में युवाओं की जान जाती है, जिससे देश की मानव संसाधन क्षमता भी प्रभावित होती है। इसलिए सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़कर व्यापक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या घटाना नहीं, बल्कि कोटा-बूंदी क्षेत्र को ऐसा मॉडल बनाना है जहां सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की घटनाएं न्यूनतम स्तर तक पहुंच सकें। इसके लिए वैज्ञानिक अध्ययन, आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में कुछ ऐसे सड़क मार्ग और स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां दुर्घटनाओं की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधार, यातायात प्रबंधन, चेतावनी संकेतों की व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई। Road Safety News

चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि तेज रफ्तार, जोखिमपूर्ण ओवरटेकिंग और यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे मामलों पर प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई के लिए तकनीकी समाधान अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

ओम बिरला ने कहा कि कोटा में स्थापित कमांड एवं कंट्रोल सेंटरों की क्षमताओं का बेहतर उपयोग करते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी तंत्र, सीसीटीवी नेटवर्क और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली के विस्तार पर विशेष जोर दिया। Road Safety News

बैठक में दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, एम्बुलेंस सेवाओं को अधिक सक्षम बनाने और ट्रॉमा केयर सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही विद्यालयों के आसपास सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं, विशेषज्ञ संगठन और आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों और आधुनिक तकनीक के उपयोग से कोटा-बूंदी क्षेत्र देश में सड़क सुरक्षा का एक आदर्श मॉडल बन सकता है। Road Safety News

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