Taratala Incident Update: तारातला हादसे में बढ़ा मौत का आंकड़ा, पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद का ऐलान

मृतकों की संख्या 9, पांच गिरफ्तार, एसआईटी जांच शुरू

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Taratala Incident Update: कोलकाता। कोलकाता के तारातला स्थित पी2 ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत गिरने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। यह जानकारी गुरुवार सुबह सरकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक 9 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 अन्य घायल मजदूर एसएसकेएम अस्पताल में इलाजरत हैं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद से बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबे के नीचे अभी भी कुछ मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। Kolkata News

सूत्रों के मुताबिक, अभी भी लगभग 3 से 4 मजदूर मलबे में दबे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए राहत दल पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गुलजार हुसैन (एयान ट्रेडर्स के सुपरवाइजर), कमाल समंता (लोहे की संरचना बनाने वाला), शंभूनाथ बेरा (जमीन लीज पर लेने वाला), दिवाकर भंडारी (लेबर सप्लायर और ट्रिमेक्स कॉन्ट्रैक्टर) और अब्दुल हमीद (कोलकाता नगर निगम में निर्माण योजना की मंजूरी से जुड़े मध्यस्थ) शामिल हैं।

पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस घटना में और लोग भी शामिल थे। अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। Kolkata News

इसके साथ ही कोलकाता पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी का नेतृत्व डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डिटेक्टिव डिपार्टमेंट) कर रहे हैं। टीम में जॉयसूर्या मुखर्जी (एसीपी), इंस्पेक्टर देवाशीष दत्ता (होमिसाइड स्क्वाड), इंस्पेक्टर हीरक दलापति (नए जांच अधिकारी), इंस्पेक्टर सरफराज अहमद (एंटी-रॉडी स्क्वाड) और टारातला थाने के सब-इंस्पेक्टर मानस भट्टाचार्य और कुशल मंडल शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही हुई थी, जिसमें कंक्रीट छत के नीचे टिन की शीट्स का इस्तेमाल किए जाने के आरोप शामिल हैं।

इधर, घटनास्थल पर बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। भारतीय सेना, एनडीआरएफ, कोलकाता पुलिस की डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, राज्य अग्निशमन विभाग और कोलकाता नगर निगम के अधिकारी मिलकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि रडार सिस्टम और स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है। बुधवार से ही ये तकनीकें राहत कार्य में लगाई गई हैं। Kolkata News

जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर यह हादसा तब हुआ जब निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय लगभग 40 मजदूर अंदर काम कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले बचाव कार्य शुरू किया, जिसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा किया और एसएसकेएम अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात भी की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में निर्माण योजना में गंभीर खामियां सामने आई हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने बड़ा निर्णय लेते हुए कहा कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) क्षेत्र में सभी निर्माणाधीन व्यावसायिक परियोजनाओं का काम 31 जुलाई तक रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण स्थलों की बिल्डिंग प्लान, साइट प्लान और ऑन-स्पॉट जांच की जाएगी। जिन परियोजनाओं के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें 1 अगस्त से फिर से काम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। Kolkata News

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