अपनी इच्छाओं को पूरा करना चाहते हैं? पहले जान लें ये जरूरी बातें
अपनी इच्छाओं को पूरा करना चाहते हैं? पहले जान लें ये जरूरी बातें
Saint Dr. MSG Insan: सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि फकीर उस परम पिता परमात्मा के आगे प्रार्थना दुआ करते रहते हैं, अरदास करते रहते हैं और उसका मकसद सिर्फ एक ही होता है कि हर जीव सुख शांति हासिल करें। हर इन्सान को वो खुशियां मिले जिसके लिए वो दुआएं करता है, प्राथनाएं करता है पर जायज। नाजायज मांग ना तो कभी पूरी होती है और ना उसके लिए संत पीर फकीर कोई दुआएँ करते हैं। जायज-नाजायज सही है या गलत है इसका पता कैसे चले आप अगर सत्संग लगातार सुनते हैं ये हो ही नहीं सकता कि आपको ये नहीं पता चले सही मांग कौन सी है और गलत मांग कौन सी है।
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि सही मांग वो होती है जिसे परिवार का भला हो, समाज का भला हो, देश का भला हो और संसार का भला हो। सही मांग वो भी होती है शरीर का भला हो आत्मा का भला हो और दिमाग में शांति रहे, संतोष धन आए, मन ना भटकाए, माया ना छलिया बने, काम, वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार तंग ना करे ये सारी प्रार्थनाएं जब की जाती है तो परम पिता परमात्मा की दरगाह में मंजूर होती है। इसके अलावा आदमी तो बहुत कुछ मांगता है मुझे ये दे दो, मुझे वो दे दो, पर सुफियत में सच्चा भक्त मांगता है-हे मेरे परम पिता परमात्मा मुझे वो देना जो तेरे दर के करीब करे, कभी दूर ना करे। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि बहुत धन दौलत आ गई लोगों के पास, एश ओ आराम के साधन हो जाते है और कमी ये आ जाती है कि वो परम पिता परमात्मा से दूर हो जाते हैं। तो आज यही कि माँगना कैसे है और किससे मांगना है वैसे तो समाज में रहते हुए आप समाज से मांगते रहते हैं, लेन-देन चलता रहता है पर वो स्वस्थ तरीके से लेन-देन हो। जुबान के पक्के बनो और जो जुबान के पक्के होते हैं उनपर ही समाज पर विश्वास किया जाता है, यकीन किया जाता है, जो जुबान के कच्चे होते हैं घर वाले यकीन नहीं करते समाज तो क्या करेगा। आइये सुनते है वीडियो में पूज्य गुरु जी के वचन