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Diabetes: शुगर हो जाएगा जड़ से खत्म! बस ये काम कर लो...
Diabetes: शुगर हो जाएगा जड़ से खत्म! बस ये काम कर लो...
Diabetes: इन दिनों डायबिटीज एक आम समस्या बनकर सामने आ रही है। आजकल के खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान ही इसकी मुख्य वजह है। भारत देश की बात करें तो यहां हर एक घर में कोई ना कोई व्यक्ति इस बीमारी से ग्रस्त है या ये कहें की 10 में से एक व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में हैं। अगर समय रहते ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल न किया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
दरअसल मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसे सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है। क्योंकि अभी तक इसे जड़ से खत्म करने का कोई इलाज नहीं है। ऐसे में आपको डायबिटीज होने पर पूरी जिंदगी सतर्क रहने की जरूरत होती है। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आपको अपने खान-पान और लाइफस्टाइल का बहुत अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। दरअसल आपको ज्यादा लंबें समय तक भूखे नहीं रहना चाहिए। खाने में बिना स्टार्च वाले फूड शामिल करने चाहिए। इसके अलावा मीठा तो बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए।
अगर आपने इसमें जरा सी भी लापरवाही बरती तो आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है। डायबिटीज के मरीज को अपना वजन कंट्रोल करने की भी बहुत ज्यादा जरूरत होती है, हालांकि कई लोगों का शुगर लेवल इन बातों का ध्यान रखने के बाद भी कम नहीं होता है, ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप आयुर्वेदिक दावों और घरेलू नुस्खे को अपना सकते हैं। इसलिए आज हम आपको मधुमेह को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय बताएंगे, तो चलिए जानते हैं कि डायबिटीज जो कंट्रोल करने के घरेलू उपाय क्या हैं? उससे पहले जानतें हैं डायबिटीज के लक्षण
डायबिटीज के लक्षण
डायबिटीज के लक्षण क्या होते हैं यह जानना जरूरी है। टाइप-1 डायबिटीज होने पर लक्षण बहुत तेजी से दिखाई देते हैं, वही टाइप-2 डायबिटीज में शुरूआत में काफी कम लक्षण नजर आते हैं। यह है टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के शुरूआती लक्षण।
- चिड़चिड़ापन
- आंखों में धुंधलापन
- घाव का देरी से भरना
- स्किन इंफेक्शन
- बहुत प्यास लगना
- बार बार पेशाब आना
- बहुत भूख लगना
- वजन बढना या तेजी से कम होना
- थकान
- ओरल इंफेक्शन
- वजाइनल इंफेक्शन
डायबिटीज को कंट्रोल करने के घरेलू नुस्खे
जामुन के बीज: डायबिटीज के आयुर्वेदिक इलाज में जामुन के बीजों का काफी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए आप जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस ले और उसका चूर्ण बना ले। अब इस चूर्ण को सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ ले। इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में काफी मदद मिलेगी।
अंजीर के पत्ते: अंजीर के पत्तों को खाली पेट चबाने या फिर उन्हें पानी में उबालकर पीने से मधुमेह की बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। अंजीर के पत्तों में मधुमेह विरोधी गुण होते हैं, जिससे ब्लड शुगर का लेवल कम करने में मदद मिलती है।
मेथी: मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है। इसे आयुर्वेद में भी जड़ी बूटी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। मेथी के बीज खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। इसके लिए एक चम्मच मेथी के बीज को रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रख दे और सुबह खाली पेट बीज खाकर इस पानी को पी जाएं। आपको इसे खाने के आधे घंटे तक कोई दूसरी चीज नहीं खानी है।
जैतून का तेल: जैतून के तेल का उपयोग करने से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है इससे ट्राइग्लिसराइटिस का लेवल को कम करने में मदद मिलती है जैतून के तेल से ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है लंबे समय तक जैतून के तेल का उपयोग करने से हार्ट संबंधी बीमारियों का भी खतरा कम रहता है।
लहसुन: लहसुन को आयुर्वेद में काफी इस्तेमाल किया जाता है। सभी के घरों में खाने में भी लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। कोई लहसुन को सब्जी में डालकर खाते है तो कोई लहसुन की चटनी बनाकर खाता है। लहसुन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम करने और मधुमेह को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके लिए आप रात भर लहसुन की दो से तीन कलियों को पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट इन्हें चबाकर खा ले।
दालचीनी: खड़े मसाले में दालचीनी का इस्तेमाल सभी घरों में किया जाता है, यह हर मसले में उपयोग होने वाली चीज है। दालचीनी से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें मधुमेह विरोधी गुण भी पाए जाते हैं। दालचीनी का उपयोग ब्लड शुगर लेवल को कम करने में भी किया जाता है। इसके लिए आप रोज आधा चम्मच दालचीनी के पाउडर का सेवन करें।
अंगूर के बीज: डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अंगूर के बीजों का भी इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि इसमें ब्लड शुगर कंट्रोल करने वाले गुण पाए जाते हैं। इसके लिए आप अंगूर के बीज को पीस कर चूर्ण बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। अंगूर के बीज में विटामिन, फ्लेवोनोइड्स, लिनोलिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं। जो डायबिटीज के इलाज में प्रभावी होते हैं।
एलोवेरा: पिछले काफी समय से आयुर्वेद में एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है। एलोवेरा काफी बीमारियों में फायदेमंद होता है। इसी तरह मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए भी एलोवेरा के जूस का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। एलोवेरा जूस पीने से रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। एलोवेरा में हाइड्रोफिलिक फाइबर, ग्लूकोमानन और फाइटोस्टेरॉल जैसे तत्व होता है जिससे ब्लड शुगर कम रहता है।
आंवला: आंवला डायबिटीज की बीमारी में काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है। आंवला में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं। आंवला खाने के बाद केवल 30 मिनट में ब्लड शुगर लेवल कम किया जा सकता है।
नीम: नीम के पत्ते चबाने और इसके रस को पीने से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। नीम में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, इसके अलावा नीम में एंटी डायबिटीक गुण भी पाए जाते हैं। यह सभी तत्व मधुमेह को भी कंट्रोल करने में काफी मदद करते हैं।
अस्वीकरण: लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यह किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है।