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UP Highway News: यूपी में एक और नेशनल हाईवे को 6 लेन बनाया जाएगा, सरकार ने दी जानकारी
UP Highway News: यूपी में एक और नेशनल हाईवे को 6 लेन बनाया जाएगा, सरकार ने दी जानकारी
UP Highway News: लखनऊ अनु सैनी। उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) लखनऊ–सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन बनाने जा रहा है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित व तेज़ हो जाएगा।
रोजाना गुजर रहे 38 हजार से ज्यादा वाहन | UP Highway News
लखनऊ–सीतापुर हाईवे पर पिछले कुछ वर्षों में ट्रैफिक का दबाव तेजी से बढ़ा है। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक इस मार्ग से हर दिन 38 हजार से अधिक छोटे और भारी वाहन गुजरते हैं। खासतौर पर मामपुर इंटौजा क्षेत्र में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे कई बार लंबा जाम लग जाता है।
एनएचएआई के सर्वे में यह साफ हो गया कि मौजूदा चार लेन सड़क अब बढ़ते ट्रैफिक का भार संभालने में सक्षम नहीं है। इसी वजह से हाईवे को छह लेन में बदलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
सर्वे पूरा, अब बनेगी DPR
प्राधिकरण ने सड़क का विस्तृत सर्वे कर पूरा डेटा तैयार कर लिया है। अब इसी के आधार पर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाई जाएगी। DPR तैयार होने के बाद निर्माण प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा ताकि आने वाले कई वर्षों तक ट्रैफिक की समस्या न हो।
नहीं होगी जमीन अधिग्रहण की परेशानी
इस परियोजना की सबसे बड़ी खास बात यह है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए नई जमीन अधिग्रहण करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हाईवे के दोनों किनारों पर पहले से पर्याप्त खाली भूमि उपलब्ध है, जिससे निर्माण कार्य आसानी से किया जा सकेगा। आमतौर पर सड़क परियोजनाओं में सबसे ज्यादा खर्च जमीन अधिग्रहण और मुआवजे पर होता है, लेकिन इस योजना में सरकार का बड़ा खर्च बचेगा। यही कारण है कि बजट का अधिकांश हिस्सा सड़क की गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।
डेढ़ साल में पूरा हो सकता है काम
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया न होने से यह प्रोजेक्ट काफी तेजी से पूरा हो सकेगा। अनुमान है कि निर्माण कार्य एक से डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा किया जा सकता है। अगर मंत्रालय से समय पर मंजूरी मिल जाती है तो जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई देने लगेगा।
हाईवे पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
सिर्फ सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि इस परियोजना में कई आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें शामिल हैं—
बेहतर ड्रेनेज सिस्टम
आधुनिक डिवाइडर
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
हाईटेक साइन बोर्ड
रिफ्लेक्टर और सुरक्षा संकेत
स्पीड कंट्रोल सिस्टम
इन सुविधाओं से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
अप्रैल 2026 से NHAI संभालेगा टोल
मामपुर इंटौजा टोल प्लाजा फिलहाल एक निजी कंपनी चला रही है, लेकिन उसका अनुबंध अप्रैल 2026 में खत्म हो जाएगा। इसके बाद टोल संचालन सीधे एनएचएआई के अधीन आ जाएगा। प्राधिकरण नई टोल व्यवस्था में हाई-स्पीड इंटरनेट, स्मार्ट स्कैनर और उन्नत FASTag तकनीक लगाने की तैयारी कर रहा है ताकि यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिल सके।
पर्यावरण का भी रखा जाएगा ध्यान
एनएचएआई ने साफ किया है कि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी और बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।
इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण कम करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार
लखनऊ–सीतापुर हाईवे के छह लेन बनने से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल ढुलाई तेज होगी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चला, तो आने वाले दो वर्षों में यह हाईवे उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल हो सकता है।