बरसात में अचार को फफूंदी से बचाने के 5 आसान तरीके, जानें कब इसे खाना हो सकता है खतरनाक

गीला चम्मच और नमी बन सकती है अचार की सबसे बड़ी दुश्मन, फफूंदी दिखे तो न करें ये गलती

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अचार भारतीय खाने का अहम हिस्सा है। आम, नींबू, मिर्च या दूसरे कई तरह के अचार खाने का स्वाद बढ़ा देते हैं। लेकिन बरसात के मौसम में अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। हवा में नमी बढ़ने और बार-बार डिब्बा खोलने की वजह से अचार में फफूंदी लगने का खतरा बढ़ सकता है।

कई बार अचार की ऊपरी सतह पर सफेद या हरे रंग की परत दिखाई देने लगती है। ऐसे में कुछ लोग सिर्फ फफूंदी वाली परत हटाकर बाकी अचार खाने लगते हैं। लेकिन अगर अचार में साफ तौर पर फफूंदी दिखाई दे रही है, तो केवल ऊपर की परत हटाकर बाकी अचार को खाना सुरक्षित नहीं माना जाता। फफूंदी के दिखाई न देने वाले हिस्से भी अंदर तक प्रभावित हो सकते हैं।

1. हमेशा सूखे चम्मच का करें इस्तेमाल

अचार निकालते समय साफ और पूरी तरह सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें। गीले चम्मच के जरिए पानी और सूक्ष्मजीव अचार तक पहुंच सकते हैं, जिससे उसके खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।

चम्मच धोने के तुरंत बाद उसे अचार के डिब्बे में डालने से बचें। पहले उसे अच्छी तरह सुखाएं और फिर अचार निकालें।

2. अचार को तेल में डूबा रखें

तेल वाले पारंपरिक अचार में यह ध्यान रखना जरूरी है कि अचार के टुकड़े तेल से पूरी तरह ढके रहें। जो टुकड़े लंबे समय तक तेल की सतह से बाहर रहते हैं, उन पर हवा और नमी का असर अधिक हो सकता है।

अचार निकालने के बाद एक बार जरूर जांच लें कि बाकी टुकड़े तेल में अच्छी तरह डूबे हुए हैं। हालांकि, तेल या नमक की मात्रा अपनी तरफ से मनमाने तरीके से न बढ़ाएं, क्योंकि हर अचार की रेसिपी और संरक्षण का तरीका अलग होता है।

3. एयरटाइट कांच के जार में रखें

अचार के लिए साफ और पूरी तरह सूखा हुआ कांच का जार बेहतर विकल्प हो सकता है। जार का ढक्कन अच्छी तरह बंद होना चाहिए, ताकि बाहरी हवा और नमी का संपर्क कम रहे।

हर बार अचार निकालने के बाद जार का मुंह और ढक्कन साफ करें और उसे अच्छी तरह बंद कर दें। अगर ढक्कन ढीला है या ठीक से बंद नहीं होता, तो उसे बदल देना बेहतर है।

4. अचार को गर्म और नम जगह से रखें दूर

अचार का डिब्बा गैस स्टोव के बिल्कुल पास, खिड़की के पास या ऐसी जगह न रखें जहां लगातार गर्मी, भाप या तापमान में बदलाव होता रहता हो।

इसे साफ, सूखी और अपेक्षाकृत ठंडी जगह पर रखना बेहतर है। बरसात के मौसम में खुले हुए अचार, खासकर कम नमक वाले अचार को फ्रिज में रखना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

5. जार खाली होने लगे तो छोटे कंटेनर में करें शिफ्ट

जब बड़े जार में थोड़ा ही अचार बचता है, तो उसके अंदर काफी खाली जगह रह जाती है। ऐसे में अचार का हवा के संपर्क में रहना बढ़ सकता है।

इसलिए जार लगभग खाली होने पर बचे हुए अचार को साफ और पूरी तरह सूखे छोटे एयरटाइट जार में ट्रांसफर किया जा सकता है। जार के किनारे पर लगा तेल, मसाला या अचार का रस भी साफ करते रहें।

अचार में फफूंदी लग जाए तो क्या करें?

अगर अचार की सतह पर सफेद या हरे रंग की फफूंदी, रुई जैसी परत या असामान्य चिपचिपापन दिखाई दे, तो उसे चखकर जांचने की कोशिश न करें। केवल ऊपर की फफूंदी हटाकर अचार को बचाने की कोशिश करना भी सही तरीका नहीं है।

इसके अलावा बदबू, तेल का असामान्य रूप से धुंधला या दूधिया होना और अचार के टुकड़ों का जरूरत से ज्यादा नरम होकर टूटना भी खराब होने के संकेत हो सकते हैं।

ऐसे मामलों में अचार को खाने के बजाय फेंक देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। खासकर अगर फफूंदी साफ दिखाई दे रही हो, तो जोखिम लेने से बचना चाहिए।

छोटी-सी सावधानी, लंबे समय तक सुरक्षित अचार

बरसात में अचार को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी है नमी को दूर रखना। सूखा चम्मच, सूखा और एयरटाइट जार, सही जगह पर स्टोरेज और नियमित सफाई जैसी छोटी आदतें अचार को जल्दी खराब होने से बचाने में मदद कर सकती हैं। वहीं फफूंदी दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है।

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