शिक्षा और रोजगार
पीएम मोदी का युवाओं को बड़ा तोहफा, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
15 अगस्त पर लाल किले से बड़ा ऐलान, गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
नई दिल्ली: देश आज 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगने वाला भारी खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ डालता है। ऐसे में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा से विद्यार्थियों को घर बैठे बेहतर तैयारी का अवसर मिल सकेगा और परिवारों के हजारों रुपये भी बचेंगे।
देश में कितने बच्चे लेते हैं कोचिंग?
शिक्षा मंत्रालय के सर्वे के मुताबिक, देश में करीब 27 फीसदी बच्चे प्राइवेट कोचिंग लेते हैं। यह सर्वे देशभर के 52,085 परिवारों और 57,742 छात्रों के बीच किया गया था।
आंकड़ों से पता चलता है कि कोचिंग का चलन ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में ज्यादा है। शहरी क्षेत्रों में करीब 30.7 फीसदी बच्चों के अभिभावक कोचिंग पर खर्च करते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा करीब 25.5 फीसदी है।
कोचिंग पर कितना खर्च करते हैं परिवार?
कोचिंग की फीस भी परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण खर्च है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में परिवार अपने बच्चों की कोचिंग पर औसतन करीब 3,988 रुपये खर्च करते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह औसत खर्च करीब 1,793 रुपये है।
ऐसे में अगर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन कोचिंग मुफ्त उपलब्ध होती है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा उन विद्यार्थियों को मिल सकता है जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।
गांव और छोटे शहरों के छात्रों को मिलेगा फायदा
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे छात्र, जिन्हें बड़े शहरों में जाकर महंगे कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने का अवसर नहीं मिल पाता, वे मोबाइल, कंप्यूटर या अन्य डिजिटल माध्यमों से घर बैठे तैयारी कर सकेंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन मार्गदर्शन तक पहुंच आसान होने से विद्यार्थियों को अपनी तैयारी बेहतर करने का मौका मिल सकता है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का जिक्र करते हुए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान इसी दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अगर इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू किया जाता है, तो आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लाखों विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल सकती है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों की पहुंच बढ़ाने और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने में भी मदद मिलेगी।