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लाल किले से पीएम मोदी ने रखा बड़ा लक्ष्य, दुनिया के टॉप-5 बैंकों में हो एक भारतीय बैंक
लाल किले से पीएम मोदी ने रखा बड़ा लक्ष्य, दुनिया के टॉप-5 बैंकों में हो एक भारतीय बैंक
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग और कारोबार को लेकर कई बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने कहा कि अब भारत को केवल घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बजाय वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री ने बैंकिंग सेक्टर को लेकर विशेष रूप से बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दुनिया के टॉप-5 बैंकों में कम से कम एक भारतीय बैंक का नाम होना चाहिए। यह लक्ष्य भारतीय बैंकिंग सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Fortune 500 में 50 भारतीय कंपनियों का लक्ष्य
पीएम मोदी ने भारतीय उद्योग जगत के लिए भी बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में Fortune 500 की सूची में कम से कम 50 भारतीय कंपनियां शामिल होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत का लक्ष्य अब छोटा नहीं हो सकता। भारतीय कंपनियों को वैश्विक कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने उत्पाद, सेवाओं, तकनीक और कारोबार का विस्तार दुनिया के बाजारों तक करना होगा।
‘शक्ति की सप्त धारा’ पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की विकास यात्रा को गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का उल्लेख किया। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अगले 5 से 7 वर्षों में ऐसे कई लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करना चाहिए, जो पिछले वर्षों में पूरे नहीं हो सके।
ग्लोबल मार्केट में भारत की मजबूत पहचान बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री के संबोधन का एक प्रमुख संदेश यह रहा कि भारत को केवल अपने घरेलू बाजार के लिए उत्पादन करने वाला देश नहीं रहना है। भारतीय कंपनियों को ऐसे उत्पाद और सेवाएं तैयार करनी होंगी, जो दुनिया के बाजारों में भी मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
उन्होंने डिजिटल टेक्नोलॉजी और 6G के क्षेत्र में भी भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने की बात कही। प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल फोन उत्पादन और रक्षा उत्पादन में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की क्षमता लगातार बढ़ रही है।
अब सरकार का फोकस इन क्षेत्रों में विकास की गति को और तेज करने के साथ भारतीय कंपनियों और संस्थानों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने पर है। बैंकिंग से लेकर फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेक्नोलॉजी तक, भारत के लिए लक्ष्य अब केवल आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया में अग्रणी स्थान हासिल करने का है।