Farmers News: जेल भरो आंदोलन में सड़कों पर उतरे किसान-मजदूर, बस डिपो के सामने किया चक्का जाम

राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत दी सांकेतिक गिरफ्तारियां, राष्ट्रपति के नाम सौंपा 9 सूत्री मांग-पत्र, मनरेगा व नशे के मुद्दे पर भी उठाई आवाज

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Jail Bharo Andolan: हनुमानगढ़। राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत सोमवार को जिला मुख्यालय पर किसान-मजदूर संगठनों ने केन्द्र सरकार की कथित किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान और मजदूर जंक्शन धानमंडी में एकत्र हुए। यहां सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने बस डिपो के सामने सड़क पर चक्का जाम कर सांकेतिक गिरफ्तारी दी। Farmers News

आंदोलन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट रही। मौके पर एसडीएम मांगीलाल सुथार, डीएसपी मीनाक्षी, जंक्शन थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां, सदर थाना प्रभारी राजीव रॉयल और महिला थाना प्रभारी चन्द्रकला के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। चक्का जाम और गिरफ्तारी से पहले जंक्शन की धानमंडी में किसान-मजदूरों की सभा आयोजित हुई। इसमें बड़ी संख्या में आंदोलनकारी शामिल हुए। वक्ताओं ने केन्द्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों, खेत मजदूरों, श्रमिकों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।

वक्ताओं ने कृषि संकट, बढ़ती लागत, किसानों की कर्जग्रस्तता, ग्रामीण रोजगार की कमी और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केन्द्र सरकार को घेरा। सभा में पूर्व विधायक बलवान पूनिया, रामेश्वर वर्मा, बहादुर सिंह चौहान, चन्द्रकला वर्मा, बलदेव सिंह, बसंत सिंह, बीएस पेंटर सहित अन्य किसान-मजदूर नेताओं ने संबोधित किया। सभा के बाद किसान-मजदूर रैली के रूप में रोडवेज डिपो के सामने पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। यहीं पुलिस को सांकेतिक गिरफ्तारी दी। Farmers News

सांकेतिक गिरफ्तारियों से पहले प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति नाम एसडीएम मांगीलाल सुथार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिकों से जुड़ी विभिन्न मांगें उठाई गईं। मांग-पत्र में सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत के आधार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, एमएसपी पर सरकारी खरीद सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने, किसानों एवं ग्रामीण मजदूरों की कर्जमाफी तथा किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपए मासिक न्यूनतम वेतन, मनरेगा में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 200 दिन का रोजगार और 700 रुपए प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की।

संगठनों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए ऐसे सभी मुक्त व्यापार समझौतों की समीक्षा की मांग की। आंदोलनकारियों ने स्थानीय स्तर पर हनुमानगढ़ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य तत्काल शुरू करने और मजदूरों को नियमित रोजगार देने की मांग की। हनुमानगढ़ जिले में चिट्टा, मेडिकल नशे और अन्य अवैध नशीले पदार्थांे के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग को भी प्रमुखता से रखा गया। संगठनों ने कहा कि किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिकों की मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। Farmers News

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