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Rajasthan Transport News: यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, दो लग्जरी स्लीपर बसें सीज
इमरजेंसी एग्जिट अवरुद्ध, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर परिवहन विभाग और पुलिस का संयुक्त एक्शन
Rajasthan Transport Department: हनुमानगढ़। यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता अब भारी पड़ने लगा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देशों के बाद हनुमानगढ़ में लग्जरी स्लीपर बसों की सुरक्षा जांच अभियान तेज कर दिया गया है। सोमवार रात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जंक्शन क्षेत्र में औचक जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली दो लग्जरी स्लीपर बसों को सीज कर दिया। Hanumangarh News
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया ने बताया कि पिछले दो-तीन माह में देश के विभिन्न हिस्सों में बसों में आग लगने जैसी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों में लग्जरी बसों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अधिकांश बसों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं मिले। कई बसों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) या तो सही स्थिति में नहीं था या उसके सामने सीटें लगा दी गई थीं, जिससे आपात स्थिति में यात्रियों का बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा सुरक्षा संबंधी अन्य कई खामियां भी सामने आई हैं।
जिला परिवहन अधिकारी नरेश पूनिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दो बसों का निरीक्षण किया गया, जिनमें सबसे गंभीर कमी इमरजेंसी निकास द्वार का अवरुद्ध होना पाया गया। निकास द्वार के सामने सीटें लगी हुई थीं, जो मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि बस संचालकों को पहले भी सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन लापरवाही जारी रहने पर दोनों बसों को सीज करने की कार्रवाई की गई। Hanumangarh News
डीटीओ ने कहा कि न्यायपालिका के निर्देशन में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान करीब एक माह तक जारी रहेगा। इस दौरान लग्जरी बसों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। उन्होंने बस संचालकों से बेसिक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन हथौड़े सहित सभी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बसों में चालक को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का समुचित प्रशिक्षण नहीं मिला है और यात्रियों को भी यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी नहीं दी जाती। ऐसी कमियां दुर्घटना की स्थिति में जानलेवा साबित हो सकती हैं। परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। Hanumangarh News
