South Korea News: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने लिया बड़ा फैसला, अभियोजकों से छीना जांच का अधिकार

न्यायिक प्रणाली में व्यापक बदलाव लागू

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South Korea Judicial Reform: सोल। दक्षिण कोरिया में न्यायिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को मंत्रिमंडल ने उस संशोधित कानून को औपचारिक मंजूरी दे दी, जिसके तहत अभियोजन पक्ष (प्रॉसिक्यूशन) के प्रत्यक्ष आपराधिक जांच संबंधी अधिकारों में बड़े स्तर पर कटौती की गई है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और संतुलित बनाना है। नए प्रावधानों के लागू होने के बाद अधिकांश आपराधिक मामलों की प्राथमिक जांच पुलिस के अधिकार क्षेत्र में होगी। वहीं अभियोजन पक्ष की भूमिका मुख्य रूप से आरोप-पत्र दाखिल करने, मुकदमा चलाने और न्यायालय में कानूनी कार्यवाही संचालित करने तक सीमित रहेगी। South Korea News

राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि वर्षों से चली आ रही उस व्यवस्था में बदलाव आवश्यक था, जिसमें एक ही संस्था के पास जांच और अभियोजन दोनों की व्यापक शक्तियां केंद्रित थीं। उनके अनुसार दोनों जिम्मेदारियों को अलग-अलग संस्थाओं में विभाजित करने से निष्पक्षता, पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।

हालांकि इस निर्णय को लेकर राजनीतिक मतभेद भी सामने आए हैं। मुख्य विपक्षी दल ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए आशंका जताई है कि इससे न्यायिक प्रणाली की प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है। विपक्ष ने पहले राष्ट्रपति से इस विधेयक को मंजूरी न देने की अपील भी की थी।

सरकार ने विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यह सुधार किसी संस्था की शक्तियां कम करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में संतुलन स्थापित करने और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।

राष्ट्रपति ली ने यह भी कहा कि लंबे समय से अभियोजन तंत्र के पास अत्यधिक अधिकार केंद्रित होने के कारण समय-समय पर अधिकारों के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उनका मानना है कि नई व्यवस्था से जांच और अभियोजन की भूमिकाएं अधिक स्पष्ट होंगी तथा न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।

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