Inter-regional

अन्तरजातीय संबंधों में अंतर्द्वंद्व मिटाना होगा

उत्तरभारत में पिछले कई महीनों से आत्म-सम्मान के लिए हत्याओं का सिलसिला भयानक रूप लेता जा रहा है। उधर, शिक्षा व आर्थिक प्रगति के चलते भारतीय समाज में जमीन-आसमान का परिवर्तन हो चुका है। आज से चालीस वर्ष पहले का भारत पारिवारिक व जातिगत बंधनों में रहना पसंद करता था। जहां परिवार, रिश्तेदार, अपना गौत्र, […]
सम्पादकीय