कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में उज्जवल भविष्य के ढेरों अवसर

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-सतविंद्र सिंह सिद्धु एजुकेटर व रिंकी
एजुकेशन प्लेटफार्म

पिछले कुछ सालों से भारत के कई शहर आईटी हब बन चुके हैं और बेंगलुरु और हैदराबाद तो ऐसे शहर बन चुके हैं जो सिलिकॉन वैली को भी टक्कर दे रहे हैं और हर रोज नए स्टार्टअप इन शहरों में लग रहे हैं और हर रोज हजारों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार सिलिकॉन वैली में 15 लाख आईटी प्रोफेशनल काम करते हैं जबकि बेंगलुरु में 13 लाख आईटी प्रोफेशनल काम करते हैं और हैदराबाद में चार लाख आईटी प्रोफेशनल काम करते हैं और आईटी प्रोफेशनल की मांग दिन पर दिन बढ़ रही है। यदि आपके पास किसी अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर से ग्रेजुएट है तो आप आसानी से इन शहरों में रोजगार पा सकते हैं और अपनी करियर को नई उपलब्धियों पर ले जा सकते हैं। आज के समय कंप्यूटर ग्रेजुएट की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है, क्योंकि भारत आईटी की तरफ बढ़ रहा है, इसलिए हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर ग्रेजुएट अन्य डिग्री धारकों के मुकाबले आसानी से रोजगार पा सकते हैं, तो आज हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि कौन-कौन सी कंप्यूटर डिग्री करने के बाद कौन-कौन सी नौकरी प्राप्त की जा सकती हैं।

छात्रों के पास कंप्यूटर से ग्रेजुएशन करने के विकल्प:

1. बैचलर आॅफ कंप्यूटर एप्लीकेशन: यह एक महत्वपूर्ण डिग्री कोर्स है क्योंकि यह कोर्स आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं करने वाले छात्रों को भी कंप्यूटर से ग्रेजुएशन करने की सुविधा प्रदान करता है। यह तीन वर्ष का डिग्री कोर्स है और इस कोर्स में 6 सेमेस्टर होते हैं। इस डिग्री कोर्स के प्रमुख विषय है डाटाबेस, नेटवर्किंग, डाटा स्ट्रक्चर, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इत्यादि इस कोर्स को करने के बाद आप फ्रंट एंड डेवलपर, बैक एंड डेवलपर, प्रोग्रामर सॉफ्टवेयर डेवलपर, आईटी प्रोफेशनल इत्यादि जॉब कर सकते हैं।

2. बीएससी आईटी: बीएससी आईटी, बैचलर आॅफ साइंस इन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी होता है। यह तीन वर्ष का अंडर ग्रैजुएट कोर्स है। इस कोर्स को करने के लिए छात्र को 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से पास होनी चाहिए। इस कोर्स को हम कंप्यूटर इंजीनियरिंग के समान रख सकते हैं। इस प्रोग्राम के प्रमुख विषय हैं सूचना डेटाबेस, नेटवर्क, सॉफ्टवेयर विकास और परीक्षण और प्रोग्रामिंग इत्यादि कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं। इस प्रोग्राम को करने के बाद एसोसिएट इंजीनियर, सिस्टम मैनेजर इंजीनियर, डेटाबेस प्रबंधक डेटाबेस सुरक्षा प्रोफेशनल, सॉफ्टवेयर डेवलपर, सॉफ्टवेयर परीक्षक आदि के पदों पर आसानी से रोजगार पा सकते हैं।

3. बीटेक इन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी: बीटेक करने वाले छात्रों की पहली पसंद इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम है और आईटी सेक्टर में भी बीटेक इन इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी छात्रों की मांग बहुत ज्यादा है। यह प्रोग्राम चार वर्ष का है। इस प्रोग्राम को करने के लिए 12वीं क्लास साइंस स्ट्रीम से पास होना जरूरी है। इस प्रोग्राम के प्रमुख विषय हैं सी-प्रोग्रामिंग, सी-प्लस प्लस प्रोग्रामिंग, जावा, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, वेब डिजाइनिंग, साइबर सिक्योरिटी इत्यादि इस कोर्स को करने के बाद आप जॉब के लिए किसी भी कंपनी में जाते हैं, तो सिलेक्ट होने के बाद आपको कम से कम छह लाख रुपए वार्षिक पैकज दिया जाता है।

कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएट छात्रों के पास करियर के विकल्प

1. सॉफ्टवेयर डेवलपर: बैचलर आॅफ कंप्यूटर एप्लीकेशन, बैचलर आॅफ साइंस इन इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी और बीटेक आईटी करने के बाद आप इस जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। एक सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम होता है सॉफ्टवेयर को बनाना, सॉफ्टवेयर को ठीक करना, और सॉफ्टवेयर को अपडेट करना और इसी कारण से सॉफ्टवेयर डेवलपर की जॉब लगभग हर आईटी कंपनी में होती है। आईटी सेक्टर में रोजगार देख रहे युवाओं का सबसे ज्यादा ध्यान सॉफ्टवेयर डेवलपर की जॉब की तरफ होता है, क्योंकि इसमें शुरूआत में सैलरी 30 हजार से लेकर 50 हजार रुपए मासिक तक होती है। दो-तीन साल के अनुभव के बाद एक लाख रुपए तक होने की संभावना रहती है। सॉफ्टवेयर डेवलपर की जॉब देने वाली प्रमुख कंपनियां है टीसीएस विप्रो इंफोसिस बैंकिंग सेक्टर अन्य है।

2. टेस्टिंग इंजीनियर: बीसीए, बीएससी इन आईटी, बीटेक आईटी आदि डिग्री करने के बाद टेस्टिंग इंजीनियर की जॉब के लिए आप अप्लाई कर सकते हैं। यह एक बहुत अच्छी और सम्मानित जॉब है। इस जॉब प्रोफाइल में एक कर्मचारी को अपनी कंपनी द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर को टेस्ट करना होता है और उसे टेस्ट करके अपने ग्राहक को देना होता है और क्लाइंट को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर दोबारा भी उसे टेस्ट करना होता है। इस जॉब में शुरूआती सैलरी तीन लाख वार्षिक से लेकर पांच लाख वार्षिक तक होती है। टेस्टिंग इंजीनियर की जॉब सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनियों द्वारा दी जाती है। सॉफ्टवेयर निर्माता कुछ कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं- इंफोसिस, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो, ओरेकल, ब्रॉडकॉम इत्यादि।

3. बैकएंड डेवलपर: बैकएंड डेवल्पर, पीएचपी, जावा, पाइथन, सी-प्लस प्लस, जावास्क्रिप्ट इत्यादि प्रोग्रामिंग भाषाओं में सॉफ्टवेयर पर काम करता है। आईटी सेक्टर में बैकएंड डेवलपर की जॉब को काफी अच्छा माना जाता है। इसकी शुरूआत में सैलरी दो लाख से पांच लाख वार्षिक होती है। इस जॉब को अप्लाई करने के लिए यदि आप कंप्यूटर से ग्रेजुएट होना जरूरी है जैसे कि बीसीए, बीएससी कंप्यूटर, साइंस बीटेक आईटी इत्यादि।

4. डाटा साइंटिस्ट: डाटा साइंटिस्ट के प्रमुख काम डाटा को सर्च करना, डाटा को एनालिसिस करना और उसको तैयार करना होता है। उस डाटा को एक फॉर्मेट में बनाना होता है, डेटा साइंस के फील्ड में कैरियर बनाने के लिए उम्मीदवार के पास कंप्यूटर साइंस, आईटी में बैचलर डिग्री होनी चाहिए। इस सेक्टर में कैरियर बनाने के लिए अधिकतर लोग बीएसए, एमसीए, बीटेक आईटी, बीटेक कंप्यूटर साइंस, बीएससी आईटी, बीएससी कंप्यूटर साइंस जैसे बैचलर डिग्री कोर्स करते हैं। डाटा एनालिस्ट की सैलरी बहुत ज्यादा अच्छी होती है। यह सैलरी एक लाख महीना से भी अधिक हो सकती है। डाटा साइंटिस्ट में जॉब देने वाली कुछ कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं- इंफोसिस, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो, ओरेकल, ब्रॉडकॉम इत्यादि।

5. एसईओ: इस जॉब में अप्लाई करने के लिए किसी भी छात्र को बीसीए बीएससी आईटी बीटेक आईटी और अन्य आईटी ग्रेजुएट होना जरूरी है। एसईओ की फुल फॉर्म सर्च इंजन आॅप्टिमाइजेशन है यह एक बहुत ही अच्छी और हाई सैलेरी की जॉब है। इसका वार्षिक पैकेज भी बहुत अधिक है। अच्छे एसईओ प्रोफेशनल की मांग आज के समय में सबसे ज्यादा है। एसईओ की जॉब बड़ी आईटी कंपनियां, मीडिया संस्थान और प्रमोटिंग कंपनियों में बड़े पैमाने पर होती हैं।

कुछ अन्य आईटी सेक्टर में रोजगार के विकल्प:

  •  जूनियर वेब प्रोग्रामर
  •  टेक्निकल एग्जीक्यूटिव
  •  आईटी फैकल्टी
  •  वेब कंटेंट डेवलपर
  •  वेबसाइट डिजाइनर
  •  जूनियर सिस्टम डिजाइनर
  •  एसईओ एनालिस्ट
  •  सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर
  •  लैंग्वेज प्रोग्रामर
  •  आईटी बैक एंड एग्जीक्यूटिव
  •  वेब सर्विस डेवलपर

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