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ईरान में ट्रंप के खिलाफ लगा धमकी भरा पोस्टर, जेल की सलाखों के पीछे दिखे अमेरिकी राष्ट्रपति; अमेरिका के हमले से भड़का तेहरान
ईरान में ट्रंप के खिलाफ लगा धमकी भरा पोस्टर, जेल की सलाखों के पीछे दिखे अमेरिकी राष्ट्रपति; अमेरिका के हमले से भड़का तेहरान
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ईरान की राजधानी तेहरान में एक विवादित बिलबोर्ड लगाया गया है। इस बिलबोर्ड में ट्रंप को जेल की सलाखों के पीछे कैद दिखाया गया है। इतना ही नहीं, पोस्टर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को धमकी देते हुए लिखा गया है कि 'हम ट्रंप की हत्या कर देंगे।' मंगलवार, 3 नवंबर को सामने आए इस बिलबोर्ड ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव को फिर सुर्खियों में ला दिया है। दरअसल, अमेरिका की ओर से ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर सैन्य हमला किए जाने के बाद तेहरान में अमेरिका के खिलाफ नाराजगी देखने को मिल रही है। इस हमले के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
ट्रंप को पोस्टर में दिखाया जेल में बंद
तेहरान में लगाए गए बिलबोर्ड में डोनाल्ड ट्रंप को कैदी के रूप में दिखाया गया है। तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति जेल की सलाखों के पीछे नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर लिखे धमकी भरे संदेश ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
ईरान में इससे पहले भी ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लगाए जा चुके हैं। मौजूदा बिलबोर्ड को अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान में बढ़ते विरोध के तौर पर देखा जा रहा है।
केशम द्वीप पर अमेरिका के हमले से बढ़ा तनाव
अमेरिका ने हाल ही में ईरान के केशम द्वीप पर सैन्य कार्रवाई की। यह द्वीप रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब स्थित है।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को रक्षात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को ईरानी हमलों से सुरक्षित रखना है। वहीं, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
ईरानी सेना का तीन अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना के मुताबिक, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी हवाई क्षेत्र में तीन अमेरिकी ड्रोन को रोक लिया।
IRGC के अनुसार, इनमें दो MQM-170 आउटलॉ ड्रोन शामिल थे, जिन्हें केशम द्वीप के ऊपर निशाना बनाया गया। वहीं, तीसरे MQ-9 रीपर ड्रोन को होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में समुद्री क्षेत्र के ऊपर मार गिराने का दावा किया गया है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी मंडराया संकट
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी पड़ रहा है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया के कई देशों तक ऊर्जा की सप्लाई इसी मार्ग से होती है।
अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का मकसद इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखना है। दूसरी ओर, ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का विरोध कर रहा है।
क्या बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं अमेरिका और ईरान?
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई, ईरानी सेना के ड्रोन गिराने के दावे और तेहरान में ट्रंप के खिलाफ लगाए गए धमकी भरे पोस्टर ने दोनों देशों के बीच तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ेगा या दोनों देश बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश करेंगे। फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
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