US Midterm Election: हार से बौखलाएं ट्रंप, ....फिर ईरान पर हमले को लेकर कह दी ये बड़ी बात

हार से बौखलाएं ट्रंप, ....फिर ईरान पर हमले को लेकर कह दी ये बड़ी बात

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US Midterm Election: वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) के नतीजों के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि वह चुनाव परिणाम स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। वहीं, ईरान पर संभावित सैन्य हमले को लेकर भी उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ट्रंप का कहना है कि फिलहाल अमेरिका की ईरान पर हमला करने की कोई तत्काल योजना नहीं है। उनके इन बयानों को अमेरिकी राजनीति और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

चुनाव परिणाम स्वीकार करने को तैयार ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह मध्यावधि चुनाव के नतीजों को स्वीकार करेंगे। उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई।

ट्रंप ने कहा, "हम डेमोक्रेट्स के साथ काम करेंगे और उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। हम संभवत: कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।"

दरअसल, मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में नुकसान का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेट्स की बढ़त से अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता का समीकरण बदलने की स्थिति बन रही है। ऐसे में ट्रंप के सामने विपक्ष के साथ तालमेल बनाकर काम करने की चुनौती होगी।

रिपब्लिकन पार्टी की हार पर ट्रंप ने क्या कहा?

चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने इसके लिए खुद का चुनाव मैदान में नहीं होना एक वजह बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं चुनाव मैदान में नहीं था और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीतते!" इसके अलावा ट्रंप ने साउथ कैरोलिना की रिपब्लिकन सीनेटर डार्लिन ग्राहम और टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन जैसे उम्मीदवारों का समर्थन करने पर किसी तरह का पछतावा नहीं जताया। इससे पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस में बहुमत हासिल करते हैं तो वह राष्ट्रपति की वीटो शक्ति का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ईरान पर हमला करने की फिलहाल कोई तत्काल योजना नहीं

अमेरिका की घरेलू राजनीति के बीच ट्रंप ने ईरान को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। 'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका ईरान पर हमला करने की किसी तत्काल योजना पर काम नहीं कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और फिलहाल वाशिंगटन को वह मिल रहा है, जिसकी उसे जरूरत है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना कार्रवाई के लिए तैयार है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका पूरी तरह तैयार है, लेकिन हो सकता है कि सैन्य कार्रवाई की कोई जरूरत ही न पड़े।

नेतन्याहू के संकेतों के बाद ट्रंप का बयान अहम

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर संकेत दिए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के पक्ष में हैं, जबकि ट्रंप फिलहाल बातचीत को आगे बढ़ाने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का तत्काल हमला नहीं करने वाला बयान काफी महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, उन्होंने सैन्य विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया है।

अमेरिका-ईरान बातचीत पर टिकी दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे दोनों देशों के बीच विवाद की प्रमुख वजह हैं। ट्रंप के ताजा बयान से फिलहाल सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देने के संकेत मिले हैं। लेकिन अमेरिकी सेना की तैयारी और इजरायल की संभावित कार्रवाई को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अब देखना होगा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या दोनों देश किसी समझौते तक पहुंच पाते हैं।

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