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Sirsa Pollution News: सरसा में प्रदूषण का कहर, एक्यूआई 212 दर्ज
सुबह 11 बजे तक हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित
सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। मौसम में बदलाव के साथ सरसा की आबोहवा बिगड़ने लगी है। मंगलवार को सुबह से ही शहर पर स्मॉग की मोटी चादर छाई रही। धुएं और प्रदूषण के मेल से सुबह के समय दृश्यता भी प्रभावित हुई। हवा में घुले प्रदूषक कणों का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। कई लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 212 दर्ज किया गया।
हालांकि सोमवार के 238 के मुकाबले इसमें 26 अंकों का सुधार हुआ, लेकिन हवा की गुणवत्ता अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। मंगलवार को सुबह 11 बजे तक प्रदूषण का स्तर अधिक रहा। इसके बाद हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया। सुबह के समय वातावरण में धुंध और स्मॉग का असर अधिक दिखाई दिया। प्रदूषण की यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
पीएम 2.5 और पीएम10 के कणों ने बढ़ाई चिंता
प्रदूषण के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को एक्यूआई में पीएम 2.5 का स्तर 212, पीएम10 का 161, एनओ 2 का 55 और ओ3 का 7 दर्ज किया गया। वहीं प्रदूषकों की सांद्रता माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर में देखें तो पीएम 2.5 की मात्रा 104, पीएम10 की 177, एनओ2 की 43 और ओ 3 की 22 दर्ज की गई। हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कण वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे शहर में स्मॉग की स्थिति बनी हुई है।
सुबह-शाम खुले में निकलने से बचें
प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को प्रदूषित वातावरण में अधिक समय बिताने से बचना चाहिए। आंखों में जलन, खांसी या सांस लेने में दिक्कत होने पर लापरवाही न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
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