केरल के नए मुख्यमंत्री को लेकर उलटी गिनती शुरू, कांग्रेस हाई कमान कांग्रेस जल्द ले सकती है फैसला

वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने दिया संकेत

Manmohan Picture
Published On

Kerala CM Race: नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस हाई कमान आखिरकार आठ दिनों के सस्पेंस, अंतहीन अटकलों और बंद दरवाजों के पीछे हुई बातचीत के कई दौरों के बाद, केरल के अगले मुख्यमंत्री पर फैसला लेने की ओर बढ़ता दिख रहा है। वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने संकेत दिया है कि यह लंबा इंतजार बहुत जल्द खत्म हो सकता है। Kerala News

पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के आवास पर एक अहम बैठक चल रही है, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद हैं। सुबह का सत्र खत्म हो चुका है, और दोपहर बाद राहुल गांधी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीएम सुधीरन से मुलाकात करेंगे। दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा से बाहर निकलते हुए, के. मुरलीधरन (जो पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं) ने पत्रकारों से पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, "मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा एक दिन के भीतर हो जाएगी।

यह अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस नेतृत्व उस गतिरोध को तोड़ने की तैयारी में है, जिसने यूडीएफ की शानदार चुनावी जीत पर ग्रहण लगा दिया था। 140 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ के 102 सीटें जीतकर सत्ता में आने के बावजूद, मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में हो रही इतनी ज्‍यादा देरी अब पार्टी के लिए शर्मिंदगी का सबब बनती जा रही है। यहां तक ​​कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने भी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि इस अनिश्चितता ने गठबंधन की जबरदस्त जीत पर एक साया डाल दिया है। Kerala News

सत्ता के लिए चल रही इस जोरदार खींचतान के केंद्र में तीन वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्नीथला हैं। हालांकि, जैसे-जैसे विचार-विमर्श का अंतिम दौर आगे बढ़ रहा है, वेणुगोपाल की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है।  बताया जा रहा है कि उन्हें कांग्रेस के 50 से भी ज्‍यादा विधायकों का समर्थन हासिल है। लेकिन, हाई कमान की दुविधा सिर्फ आंकड़ों तक ही सीमित नहीं है। जहां एक ओर यह माना जाता है कि वेणुगोपाल को राहुल गांधी और केंद्रीय नेतृत्व का पूरा भरोसा हासिल है, वहीं दूसरी ओर सतीशन पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के एक तबके के बीच भावनात्मक रूप से ज्‍यादा लोकप्रिय बनकर उभरे हैं।

इसकी मुख्य वजह है, पी. विजयन सरकार के खिलाफ विपक्ष के नेता के तौर पर उनका आक्रामक रवैया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। दूसरी ओर, गठबंधन के सहयोगी दलों ने भी इस देरी को लेकर अपनी बेचैनी जाहिर करना शुरू कर दिया है। खड़गे आज दिल्ली लौट रहे हैं, और शीर्ष सूत्रों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री की घोषणा करने से पहले राहुल गांधी एक बार फिर सहयोगी दलों के नेताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी से बात करेंगे। Kerala News

About The Author

Related Posts