सीएम के प्रस्तावित सरसा दौरे से पहले प्रशासन अलर्ट, लेकिन शहर में बारिश से सफाई व्यवस्था बदहाल

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में बढ़ी बदबू

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Sanitation Workers' Strike Extended : सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। शहर में सोमवार को हुई पांच से सात एमएम बारिश ने सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर और भी खराब कर दी। शहर के विभिन्न इलाकों में बने डंपिंग प्वाइंटों पर पड़े हजारों टन कचरे से उठ रही बदबू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। बारिश के बाद निकली तेज धूप और उमस के कारण हालात और गंभीर हो गए। लोग डंपिंग प्वाइंटों के आसपास से गुजरने से भी बचते नजर आए। शहर में आठ से अधिक स्थानों पर कचरे के बड़े ढेर लगे हुए हैं। Sirsa News

बारिश के कारण कचरे के आसपास पानी जमा हो गया, जिससे दुर्गंध फैलने लगी। कई इलाकों में स्थिति इतनी खराब रही कि लोगों को नाक पर कपड़ा रखकर निकलना पड़ा। वहीं लंबे समय से जारी सफाई कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल अब 14 मई तक बढ़ा दी गई है। इधर 15 मई को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित सरसा दौरे को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। खासकर बरनाला रोड को पूरी तरह साफ करवाने की तैयारी चल रही है। नगर परिषद प्रशासन ने पहले ही दो ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं। ऐसे में कभी भी विशेष सफाई अभियान शुरू किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार प्रशासन फिलहाल रणनीति बनाकर चुप्पी साधे हुए है और अचानक बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा सकता है। यदि इस बार अभियान सफल रहा तो हड़ताल का असर कम पड़ सकता है और प्रशासनिक स्तर पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को हिरासत में भी लिया जा सकता है। Sirsa News

जिले में कचरे की स्थिति चिंताजनक

हड़ताल के चलते जिलेभर में हजारों टन कचरा जमा हो चुका है। अनुमानित स्थिति के अनुसार सरसा शहर में करीब 1350 टन, रानियां में 400 टन, ऐलनाबाद में 760 टन, कालांवाली में 550 टन और डबवाली में लगभग 880 टन कचरा जमा है।  

लोगों को समझा रहे सफाई कर्मचारी

हड़ताल के चलते डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। इससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्य अब लोगों के बीच जाकर अपनी मांगों को समझाने में जुटे हैं। उनका कहना है कि उनका मकसद जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित मांगों को मनवाना है। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2018 से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार समाधान नहीं कर रही। उन्होंने दावा किया कि मांगें पूरी होते ही वे 24 घंटे के भीतर दिन-रात काम कर शहर को फिर से स्वच्छ बना देंगे।

पहले भी चला था विशेष अभियान

200 टन कचरा उठाया चार दिन पहले नगर परिषद प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में विशेष अभियान चलाकर शहर के आठ डंपिंग प्वाइंटों से करीब 200 टन कचरा उठवाया था। इस दौरान 14 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया था। अलसुबह शुरू हुई इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा सकता है।

नगर परिषद के सीएसआई जयवीर सिंह ने बताया कि हड़ताल 14 मई तक बढ़ चुकी है। प्रशासन की ओर से पहले ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए जा चुके हैं। अब आगे सफाई अभियान कब चलाना है, यह प्रशासन के आदेशों पर  निर्भर करेगा।

सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान मनोज अठवाल ने कहा कि यदि प्रशासन जबरन कचरा उठाने का प्रयास करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी गिरफ्तारियां दी गई थीं और आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन ने विशेष टीमें गठित कर शहर में निगरानी शुरू कर दी है। Sirsa News

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