Punjab
Sir Madhav School Controversy: सर माधव स्कूल विवाद पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा का बड़ा बयान!
बोले- लड़ी गई कोर्ट में लड़ाई, शिक्षा की विरासत को बचाना जरूरी
Sir Madhav School Controversy: सीकर। सर माधव स्कूल परिसर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद राजस्थान की राजनीति में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले को शिक्षा और सामाजिक विरासत से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक संस्थान को विवादों से दूर रखा जाना चाहिए था। डोटासरा ने कहा कि सर माधव स्कूल केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि शेखावाटी क्षेत्र की शैक्षिक चेतना का प्रतीक रहा है। Sikar News
उनके अनुसार, यह विद्यालय आजादी से पहले स्थापित हुआ था और क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व शासकों द्वारा शुरू की गई सार्वजनिक शिक्षा की परंपरा ने हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने अपने स्तर पर कानूनी तथ्यों के आधार पर फैसला दिया है, लेकिन समाज को यह भी विचार करना चाहिए कि शिक्षा से जुड़ी संस्थाओं का संरक्षण किस प्रकार किया जाए। डोटासरा ने कहा कि इस तरह के विवादों से विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्रस्ट की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि परिसर में वैदिक अध्ययन या संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने की बात है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ शिक्षा की मूल भावना और सार्वजनिक हित भी कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजहित के कार्यों में सहयोग और संतुलन जरूरी है। डोटासरा ने यह भी कहा कि शिक्षा संस्थान किसी एक व्यक्ति या संगठन की पहचान तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उन्हें समाज के सामूहिक विकास का केंद्र बनकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
गौरतलब है कि सीकर में श्रीकल्याण मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के बीच वर्षों से भूमि विवाद चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद मंदिर प्रशासन को भूमि का अधिकार मिलने पर माधव स्कूल परिसर खाली कराया गया। यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में था और अब न्यायालय के फैसले के बाद इसका समाधान सामने आया है। Sikar News

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