बंगाल फ़तेह के बाद सरकार का बांग्लादेश व पाकिस्तान को कड़ा सन्देश! 'बांग्लादेशियों' को देश छोड़ना पड़ेगा!
विदेश मंत्रालय ने जताई बांग्लादेश से सहयोग की उम्मीद
नई दिल्ली। भारत ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी, सिंधू जल संधि (आईडब्ल्यूटी) और आतंकवाद के मुद्दे पर अपना कड़ा रुख दोहराया है। सरकार ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों को कानून और द्विपक्षीय समझौतों के तहत वापस भेजा जाएगा। India News
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में देश से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार की राय रखी। बंगाल में भाजपा की बंपर जीत के बाद बांग्लादेश के दो मंत्रियों की टिप्पणियां चर्चा में हैं, जिसमें अवैध प्रवासियों को वापस सीमा पार भेजने की आशंका है, तो उम्मीद है कि भारत ऐसा नहीं करेगा। बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने पुशबैक की आशंका जताई, तो विदेश मंत्री खलीलपुर रहमान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर जबरन लोगों को हमारी ओर भेजा जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी। इन्हीं टिप्पणियों को लेकर पूछे सवाल पर जायसवाल ने भारत की नीति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियों को एक बैकग्राउंड के रूप में समझने की जरूरत है। मुख्य मुद्दा अवैध लोगों को यहां से वापसी का है। जाहिर है, इसके लिए बांग्लादेश के सहयोग की जरूरत है। बांग्लादेश के पास नागरिकता सत्यापन के 2,860 से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं, और इनमें से कई मामले पांच साल से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। हमारी नीति है कि जो भी अवैध तरीके से रह रहे हैं, उन्हें यहां से जाना पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश राष्ट्रीय सत्यापन करेगा ताकि अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजा जा सके।’’ India News
वहीं, आईडब्ल्यूटी यानी सिंधु जल संधि को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि पर हमारा रुख हमेशा एक जैसा रहा है। पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिए जाने के जवाब में आईडब्ल्यूटी को फिलहाल रोक दिया गया है। पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के समर्थन पूरी तरह और हमेशा के लिए छोड़ देना चाहिए। यहां से वापसी का है। जाहिर है, इसके लिए बांग्लादेश के सहयोग की जरूरत है।
बांग्लादेश के पास नागरिकता सत्यापन के 2,860 से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं, और इनमें से कई मामले पांच साल से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। हमारी नीति है कि जो भी अवैध तरीके से रह रहे हैं, उन्हें यहां से जाना पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश राष्ट्रीय सत्यापन करेगा ताकि अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजा जा सके।’’ वहीं, आईडब्ल्यूटी यानी सिंधु जल संधि को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि पर हमारा रुख हमेशा एक जैसा रहा है। पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिए जाने के जवाब में आईडब्ल्यूटी को फिलहाल रोक दिया गया है। पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के समर्थन पूरी तरह और हमेशा के लिए छोड़ देना चाहिए। India News