भाजपा से सावधान रहें, अगर भाजपा सत्ता में आई तो वे तीन काले कृषि कानून लागू कर देंगे - भगवंत सिंह मान
भाजपा से सावधान रहें, अगर भाजपा सत्ता में आई तो वे तीन काले कृषि कानून लागू कर देंगे - भगवंत सिंह मान
समराला। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि इन पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों ने दशकों तक फूट डालने वाली राजनीति, पंजाब विरोधी फैसलों और भ्रष्टाचार के माध्यम से पंजाब के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार आई तो वे एक बार फिर काले कृषि कानून लागू करेंगे। समराला के गांव माणकी में लोक मिलनी के दौरान बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा ने आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य और पंजाबी को वैकल्पिक बनाकर अपनी पंजाब विरोधी सोच उजागर कर दी है। उन्होंने बताया कि पार्टी चुनावों से पहले मतदाताओं में फूट डालने के लिए सांप्रदायिक तनाव पैदा करने में माहिर है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कृषि कानून रद्द कराने के लिए किए गए आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसान शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि सैकड़ों किसानों की शहादत के बाद भी भाजपा पंजाब में वोट कैसे मांग सकती है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, 'आप' सरकार कल्याणकारी योजनाओं, नौकरियों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विकास कार्यों के माध्यम से लोगों का पैसा उन्हें वापस कर रही है। उन्होंने गांव में विकास परियोजनाओं के लिए 50 लाख रुपए भी दिए।
समराला में लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को फूट डालने वाली और पंजाब विरोधी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए जो राज्य को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने की लगातार कोशिशें कर रही हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा ने पंजाब विरोधी सोच अपना रखी है और उनकी यह संकीर्ण सोच पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य बनाने और पंजाबी को वैकल्पिक विषय बनाने से उजागर होती है। भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, बीबीएमबी, एसवाईएल नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियों, आरडीएफ फंड या सीमावर्ती क्षेत्र के फंड जैसे मुद्दों पर भाजपा ने लगातार अन्याय किया है।" उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा दंगों और फूट डालने की राजनीति खेली है। उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों से पहले पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों को उचित जवाब देने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा, "पंजाब में कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिशें कर रही हैं। भाजपा की राजनीति समुदायों के बीच फूट डालने और फिर उन्हें डराकर वोट मांगने पर केंद्रित है। पंजाब पहले ही बीते दौर में काले दिन देख चुका है जिसने राज्य के विकास को पटरी से उतार दिया था। इसलिए लोगों को ऐसी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए।"
लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अथक मेहनत की है और पिछली सरकारों के विपरीत उन्होंने कभी भी निजी सुख-सुविधाओं के लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने कहा, "मैंने अपने लिए सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं लिया। करदाताओं का पैसा जनता की भलाई के लिए पूरी समझदारी से खर्च किया जा रहा है। आपका बेटा और भाई होने के नाते, मैंने हमेशा पिछली सरकारों की तरह आराम की जिंदगी जीने के बजाय आपके दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है।"