नागरिक अस्पताल में हड़कंप, जनरेटर रूम में आग लगने से मची अफरा-तफरी
स्पार्किंग से लगी आग पर 20 मिनट में पाया काबू, 20 अग्निशामक सिलिंडरों का किया इस्तेमाल
सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। Civil Hospital Sirsa: भीषण गर्मी के बीच मंगलवार सुबह नागरिक अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जनरेटर के कंट्रोल रूम में अचानक आग लग गई। घटना के समय अस्पताल में सैकड़ों मरीज और उनके परिजन मौजूद थे। कंट्रोल रूम से धुआं और आग की लपटें उठती देख अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मचंद और उनकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था।
इसी दौरान नागरिक अस्पताल की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। गर्मी के कारण मरीज और परिजन परेशान होने लगे, जिसके बाद अस्पताल के इलेक्ट्रिशियन शशिरतन ने जनरेटर चालू किया। करीब 15 मिनट बाद ही जनरेटर के कंट्रोल रूम में अधिक लोड के कारण तारों में स्पार्किंग हुई और आग लग गई। आग लगते ही कंट्रोल रूम से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। अस्पताल स्टाफ और मरीजों में हड़कंप मच गया। इसी दौरान अस्पताल रोड पर एंबुलेंस जांच में जुटे ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मचंद की नजर अस्पताल से उठते धुएं पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का मोर्चा संभाल लिया।
इंस्पेक्टर धर्मचंद, पुलिसकर्मियों, अस्पताल स्टाफ और नर्सिंग कर्मचारियों ने मिलकर अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। बाद में कंट्रोल रूम का ताला तोड़कर जनरेटर बंद किया गया। आग बुझाने में करीब 20 अग्निशामक सिलिंडरों का इस्तेमाल किया गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई थी।
ट्रैफिक थाना प्रभारी धर्मचंद ने बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती थे, इसलिए आग को फैलने से रोकना जरूरी था। उन्होंने कहा कि यह उनका कर्तव्य था और अस्पताल स्टाफ व नर्सों ने भी इसमें पूरा सहयोग किया। वहीं अस्पताल के इलेक्ट्रिशियन शशिरतन ने बताया कि अधिक लोड के कारण तारों में स्पार्किंग हुई, जिससे आग लगी। जनरेटर को घटना से करीब 15 मिनट पहले ही चालू किया गया था।
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