Motor Vehicle Rules: दूसरे राज्य में चला रहे हैं अपनी कार? 12 महीने बाद हो सकता है बड़ा जुर्माना, जानें नियम
दूसरे राज्य में चला रहे हैं अपनी कार? 12 महीने बाद हो सकता है बड़ा जुर्माना, जानें नियम
Motor Vehicle Rules: देश में नौकरी, कारोबार या काम के सिलसिले में लाखों लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होते हैं। ऐसे में कई लोग अपनी निजी कार भी साथ लेकर जाते हैं, ताकि आने-जाने में परेशानी न हो। हालांकि, दूसरे राज्य में अपनी कार चलाते समय कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कई लोगों को लगता है कि अगर कार के पास RC, इंश्योरेंस और दूसरे सभी दस्तावेज मौजूद हैं तो दूसरे राज्य में उसे लंबे समय तक चलाने में कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। वाहन को दूसरे राज्य में लंबे समय तक रखने पर वहां के रजिस्ट्रेशन और मोटर व्हीकल टैक्स से जुड़े नियम लागू हो सकते हैं।
दूसरे राज्य में कितने समय तक चला सकते हैं कार?
मोटर व्हीकल कानून के तहत किसी राज्य में रजिस्टर्ड निजी वाहन को दूसरे राज्य में अस्थायी तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। सामान्य तौर पर 12 महीने तक दूसरे राज्य में वाहन चलाने के बाद वहां नए रजिस्ट्रेशन मार्क की जरूरत पड़ सकती है, यदि वाहन का इस्तेमाल उस राज्य में जारी रहता है।
ऐसे मामलों में यह साबित करना महत्वपूर्ण हो सकता है कि वाहन दूसरे राज्य में कब से मौजूद है। इसलिए यात्रा या वाहन को दूसरे राज्य में ले जाने से जुड़े दस्तावेज और भुगतान की रसीदें संभालकर रखना उपयोगी है। ध्यान रखें कि अलग-अलग राज्यों में मोटर व्हीकल टैक्स और स्थानीय प्रक्रियाएं अलग हो सकती हैं। इसलिए लंबे समय तक वाहन रखने की स्थिति में संबंधित राज्य के परिवहन विभाग के नियम जरूर जांचें।
12 महीने बाद क्या करना होता है?
अगर आप दूसरे राज्य में स्थायी रूप से रहने या लंबे समय तक वाहन रखने वाले हैं, तो वाहन के री-रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसके लिए मूल राज्य के RTO से NOC (No Objection Certificate) की जरूरत हो सकती है। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों के साथ नए राज्य के RTO में आवेदन किया जाता है और वहां लागू टैक्स एवं शुल्क जमा करने होते हैं। सरकार के VAHAN पोर्टल पर दूसरे राज्य में वाहन ले जाने के लिए NOC और अन्य वाहन सेवाओं की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है।
सिर्फ ओरिजिनल कागजात होने से नियम खत्म नहीं होते
वाहन के पास वैध RC, इंश्योरेंस और PUC होना बेहद जरूरी है, लेकिन इन दस्तावेजों की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि वाहन को दूसरे राज्य में अनिश्चित समय तक उसी रजिस्ट्रेशन नंबर पर चलाया जा सकता है।
इसके अलावा, दूसरे राज्य में लागू मोटर व्हीकल टैक्स का भी ध्यान रखना पड़ता है। VAHAN के माध्यम से कई राज्यों के लिए दूसरे राज्य के वाहनों का टैक्स ऑनलाइन जमा करने की सुविधा उपलब्ध है।इसलिए दूसरे राज्य में लंबे समय तक रहने की स्थिति में स्थानीय RTO से नियमों की जानकारी लेना बेहतर है।
BH Series नंबर प्लेट से क्या फायदा?
अगर आपकी नौकरी ऐसी है जिसमें हर कुछ साल बाद अलग-अलग राज्यों में ट्रांसफर होता रहता है, तो BH Series यानी Bharat Series नंबर प्लेट आपके लिए उपयोगी हो सकती है।
केंद्र सरकार ने BH Series की व्यवस्था वाहन मालिकों को अलग-अलग राज्यों में शिफ्ट होने के दौरान नए रजिस्ट्रेशन मार्क की जरूरत से राहत देने के लिए शुरू की है। यह सुविधा पात्र सरकारी कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों और ऐसे निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है जिनकी कंपनी या संगठन के कार्यालय चार या उससे अधिक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में हैं।
BH Series वाहन को मालिक के दूसरे राज्य में शिफ्ट होने पर नया राज्य रजिस्ट्रेशन मार्क लेने की जरूरत नहीं होती। इस व्यवस्था में मोटर व्हीकल टैक्स सामान्य तौर पर दो साल या उसके गुणकों के आधार पर जमा किया जाता है।
BH नंबर प्लेट हर किसी को नहीं मिलती
यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि BH Series नंबर प्लेट सभी वाहन मालिकों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके लिए पात्रता की शर्तें पूरी करनी होती हैं।
MoRTH के अनुसार पात्र निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कंपनी/संगठन के चार या अधिक राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में कार्यालय होने जैसी शर्त लागू होती है। वर्ष 2022 के संशोधन के बाद पहले से सामान्य सीरीज में रजिस्टर्ड कुछ पात्र वाहन भी BH Series में परिवर्तित किए जा सकते हैं।
कार मालिक इन बातों का रखें ध्यान
दूसरे राज्य में लंबे समय तक वाहन रखने पर वहां के RTO नियम जरूर जांचें।
RC, इंश्योरेंस और PUC हमेशा वैध रखें।
दूसरे राज्य के रोड टैक्स की लागू शर्तों की जानकारी लें।
वाहन दूसरे राज्य में कब से है, इससे जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें।
लंबे समय के लिए शिफ्ट होने पर NOC और री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समझें।
बार-बार राज्य बदलने वाली नौकरी है तो BH Series के लिए अपनी पात्रता जांचें।
दूसरे राज्य में अपनी कार ले जाना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन लंबे समय तक वाहन रखने पर केवल पुरानी नंबर प्लेट और दस्तावेज पर्याप्त नहीं हो सकते। 12 महीने की अवधि, राज्य के मोटर व्हीकल टैक्स, NOC और री-रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं, पात्र लोगों के लिए BH Series अंतरराज्यीय वाहन इस्तेमाल को काफी आसान बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है।