Dengue Vaccine 2027: भारत में जल्द आएगी डेंगू की नई वैक्सीन Qdenga, जानें कितनी असरदार है और कैसे लगेगी डोज

भारत में जल्द आएगी डेंगू की नई वैक्सीन Qdenga, जानें कितनी असरदार है और कैसे लगेगी डोज

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Dengue Vaccine in India: देश में हर साल मानसून और उसके बाद डेंगू के मामलों में तेजी देखने को मिलती है। मच्छरों से फैलने वाली इस वायरल बीमारी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल तक जाना पड़ता है। अब डेंगू से बचाव के लिए भारत में एक और विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है। जापान की दवा कंपनी Takeda Pharmaceutical की डेंगू वैक्सीन QDENGA (TAK-003) को भारतीय बाजार में लाने की तैयारी चल रही है।

इसके लिए Dr. Reddy's Laboratories और Takeda के बीच भारत में QDENGA के प्रमोशन और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर समझौता हुआ है। जरूरी नियामकीय प्रक्रिया और मार्केट अथॉराइजेशन पूरा होने के बाद वैक्सीन के 2027 की पहली छमाही में भारतीय बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है।

डेंगू के खिलाफ क्यों अहम है वैक्सीन?

डेंगू मुख्य रूप से Aedes मच्छरों के काटने से फैलता है। मानसून के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। यही वजह है कि बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।

डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाना, आसपास पानी जमा न होने देना और मच्छरों के काटने से बचना बेहद जरूरी है। वैक्सीनेशन भी रोकथाम के उपलब्ध उपायों में एक विकल्प हो सकता है।

क्या है QDENGA वैक्सीन?

QDENGA टेकेडा की विकसित की गई लाइव-एटेन्यूएटेड टेट्रावेलेंट डेंगू वैक्सीन है। इसे डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप के खिलाफ सुरक्षा देने के लिए विकसित किया गया है। कंपनी के अनुसार, वैक्सीन का विकास कार्यक्रम 28,000 से अधिक बच्चों और वयस्कों को शामिल करने वाले 19 क्लिनिकल अध्ययनों पर आधारित रहा है।

QDENGA की एक खास बात यह है कि इसे लेने से पहले व्यक्ति के पुराने डेंगू संक्रमण की जांच जरूरी नहीं होती। यानी वैक्सीनेशन से पहले यह पता लगाना अनिवार्य नहीं है कि व्यक्ति पहले डेंगू से संक्रमित हुआ था या नहीं। इंडोनेशिया में इसे 6 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए दो डोज के शेड्यूल में मंजूरी दी गई थी। हालांकि, अलग-अलग देशों में इसकी उम्र और उपयोग संबंधी मंजूरी अलग हो सकती है।

कितनी डोज लगती हैं?

QDENGA के स्वीकृत शेड्यूल में दो डोज शामिल हैं। पहली डोज के करीब तीन महीने बाद दूसरी डोज दी जाती है और प्रत्येक डोज 0.5 मिलीलीटर की होती है।

भारत में वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद इसकी अंतिम उपयोग संबंधी जानकारी भारतीय नियामकीय मंजूरी और आधिकारिक प्रोडक्ट लेबल के आधार पर तय होगी।

कितनी असरदार है QDENGA?

QDENGA के बड़े TIDES Phase-3 ट्रायल में दूसरी डोज के बाद 12 महीने के फॉलो-अप में वैक्सीन की कुल प्रभावशीलता virologically confirmed dengue के खिलाफ 80.2% रही। वहीं, दूसरी डोज के बाद 18 महीने के फॉलो-अप में डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने से बचाव की प्रभावशीलता 90.4% दर्ज की गई।

लंबे समय के फॉलो-अप में भी सुरक्षा देखी गई है। टेकेडा के अनुसार, 4.5 साल के फॉलो-अप में दो डोज के बाद virologically confirmed dengue के खिलाफ कुल प्रभावशीलता 61.2% और डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने से बचाव की प्रभावशीलता 84.1% रही।

हालांकि, वैक्सीन की प्रभावशीलता डेंगू के अलग-अलग सीरोटाइप और व्यक्ति की पहले की डेंगू एक्सपोजर स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए इन आंकड़ों को क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम के तौर पर समझना चाहिए, न कि हर व्यक्ति में मिलने वाली निश्चित सुरक्षा के रूप में।

2027 में भारत में कब मिलेगी QDENGA?

भारत में QDENGA की उपलब्धता जरूरी नियामकीय प्रक्रियाओं और मार्केट अथॉराइजेशन पर निर्भर करेगी। मौजूदा जानकारी के अनुसार, 2027 की पहली छमाही में इसके भारतीय बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है।

भारत में वैक्सीन की उपलब्धता के बाद इसकी कीमत, किन आयु वर्गों को दी जाएगी और किन परिस्थितियों में वैक्सीनेशन की सलाह दी जाएगी, इसकी जानकारी संबंधित भारतीय नियामकीय मंजूरी और आधिकारिक दिशानिर्देशों से स्पष्ट होगी।

वैक्सीन के साथ सावधानी भी जरूरी

डेंगू की रोकथाम सिर्फ वैक्सीन पर निर्भर नहीं है। घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना, कूलर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करना, मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करना और शरीर को ढककर रखना भी महत्वपूर्ण है।

अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में तेज दर्द, उल्टी या असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डेंगू की स्थिति में बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेना उचित नहीं है।

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