Trending News: ट्रेन के आगे कूदने जा रहे रजनीकांत को डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने अपनी जान पर खेलकर बचाया

ट्रेन के आगे कूदने जा रहे रजनीकांत को डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने अपनी जान पर खेलकर बचाया

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संगरिया (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा) Trending News: डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शुरू की गई इंसानियत मुहिम के तहत संगरिया में सेवादारों ने दो मानसिक रूप से परेशान व्यक्तियों को नया जीवन देते हुए उन्हें आश्रम पहुंचाया है। इनमें से एक व्यक्ति की 25 दिनों तक और दूसरे की 4 दिनों तक सेवादारों ने पूरी देखभाल की। परिजनों का सुराग न मिलने पर आखिरकार संगरिया सेवादारों ने दोनों को ऐलनाबाद स्थित हर प्रभ आसरा आश्रम में सुरक्षित छोड़ दिया।  जानकारी के अनुसार, गत 23 अगस्त 2026 को सादुलशहर रोड पर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति पर सेवादार भाई बलजीत खोसा इन्सां की नजर पड़ी थी। पूछताछ में उसने अपना नाम रामू बताया, लेकिन वह अपने घर या परिजनों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दे पाया। सेवादारों ने उसे अपने पास रखकर पिछले 25 दिनों से उसकी सार-संभाल की।

ट्रेन के आगे कूदने जा रहे रजनीकांत को बचाया

दूसरा मामला 15 सितंबर 2026 का है। लीलावाली स्टेशन के पास करीब 35 वर्षीय एक व्यक्ति मानसिक परेशानी के चलते ट्रेन के आगे कूदकर जान देने की कोशिश कर रहा था। गांव के प्रेमी सेवक गुरचरण इन्सां ने इसकी सूचना तुरंत अन्य सेवादारों को दी। सूचना मिलते ही सेवादार भाई लाल चंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां और सुरेन्द्र जग्गा तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर स्थिति बेहद दयनीय थी। वह व्यक्ति अर्धनग्न अवस्था में था, उसके सिर और दाढ़ी के बाल बढ़े हुए थे, नाखून बड़े थे और शरीर से बदबू आ रही थी। उसने अपना नाम रजनीकांत बताया, लेकिन वह संगरिया तक कैसे पहुंचा, इस बारे में उसे कुछ भी याद नहीं था।

नहला-धुलाकर पहनाए नए कपड़े, कराया भोजन

सेवादारों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी और दोनों को मानवता भलाई केंद्र, रतनपुरा लाया गया। यहाँ उन्हें भरपेट भोजन कराया गया। सेवादार भाई विनोद हांडा ने रजनीकांत की कटिंग व शेव की, जिसके बाद उसे नहला-धुलाकर नए कपड़े पहनाए गए।परिजनों की तलाश के बाद भेजा ऐलनाबाद आश्रम सोशल मीडिया और साध-संगत के सहयोग से दोनों के परिजनों को ढूंढने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन उनके पास से कोई ऐसा दस्तावेज या सुराग नहीं मिला जिससे उनके घर का पता चल सके।

कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद भी जब सफलता नहीं मिली, तो संगरिया पुलिस की कागजी कार्रवाई और मदद से सेवादार भाई संदीप बाघला इन्सां, पवन इन्सां और सुभाष गोदारा इन्सां अपने निजी वाहन से दोनों को हर प्रभ आसरा ट्रस्ट, ऐलनाबाद आश्रम सुरक्षित छोड़कर आए। ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस ने सेवादारों के इस मानवीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।

 

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