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Dengue Symptoms: अगर शरीर में ये लक्षण दिखें तो नजरअंदाज न करे, तुरंत डॉक्टर के पास जाए
Dengue Symptoms: दिल्ली में डेंगू का बढ़ा कहर! 695 मामले आए सामने, प्लेटलेट्स गिरने पर अपनाएं ये जरूरी उपाय
नई दिल्ली: दिल्ली में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दिल्ली नगर निगम (MCD) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में अब तक डेंगू के कुल 695 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही 98 नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में लोगों को डेंगू के लक्षणों को पहचानने और समय पर इलाज कराने की जरूरत है।
डेंगू संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर घबराएं नहीं
डेंगू का नाम सुनते ही लोगों को सबसे पहले प्लेटलेट्स की चिंता होने लगती है। इस बीमारी के दौरान कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। हालांकि, हर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती। कई मामलों में बीमारी से उबरने के साथ प्लेटलेट्स की संख्या अपने आप बढ़ने लगती है।
मरीज को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड टेस्ट करवाते रहना चाहिए। प्लेटलेट्स की संख्या के साथ-साथ मरीज की पूरी स्थिति, ब्लीडिंग के लक्षण और अन्य जांचों को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है।
शरीर में पानी की कमी न होने दें
डेंगू के दौरान शरीर में पानी की कमी होना परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी है। पानी, ओआरएस और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य तरल पदार्थ शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
नारियल पानी और नींबू पानी भी तरल पदार्थों के विकल्प हो सकते हैं। मरीज अपनी सहनशीलता के अनुसार फल और हल्का पौष्टिक भोजन ले सकता है। हालांकि, केवल जूस या घरेलू पेय पदार्थों के भरोसे डेंगू का इलाज नहीं करना चाहिए।
क्या पपीते के पत्तों का रस बढ़ाता है प्लेटलेट्स?
डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पपीते के पत्तों का रस पीने की सलाह अक्सर दी जाती है। हालांकि, इसके फायदे को लेकर उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। अभी इसे डेंगू का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाता।
इसलिए पपीते के पत्तों का रस पीने के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना कोई फैसला न लें। खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। प्लेटलेट्स बढ़ाने के चक्कर में जरूरी मेडिकल जांच और इलाज में देरी करना खतरनाक हो सकता है।
डेंगू में दवाइयों के साथ सही देखभाल जरूरी
डेंगू के लिए फिलहाल कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इसका इलाज मुख्य रूप से लक्षणों और मरीज की स्थिति के आधार पर किया जाता है। पर्याप्त आराम, तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लेना जरूरी है।
बुखार में अपने मन से दवा न लें। डेंगू में एस्पिरिन, आइबुप्रोफेन और अन्य एनएसएआईडी दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। बुखार के लिए पैरासिटामोल भी डॉक्टर की सलाह और उचित खुराक के अनुसार ही लें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डेंगू के मरीज में पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी, काला मल, अत्यधिक सुस्ती, बेचैनी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाएं। बुखार कम होने के बाद भी गंभीर लक्षण उभर सकते हैं, इसलिए इस दौरान भी सतर्क रहना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं। डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें और प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए किसी घरेलू नुस्खे पर निर्भर न रहें।