Jamtara bridge collapsed: झारखंड में पुल धंसने से 150 से भी अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा

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जामताड़ा (झारखंड)। झारखंड के जामताड़ा और देवघर जिलों को जोड़ने वाला दक्षिण बहाल पुल मंगलवार को तेज पानी के बहाव के कारण पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। पुल के टूटने से जामताड़ा जिला मुख्यालय से 150 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। Jamtara bridge collapsed

यह पुल सन् 1980 में बोल्डरों के सहारे निर्मित किया गया था और इसे जामताड़ा की जीवनरेखा माना जाता था। 18 जुलाई को हुई भारी बारिश में यह पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने केवल दोपहिया वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी थी। परंतु मंगलवार को यह पुल पूरी तरह धंस गया, जिससे सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

पुल के ध्वस्त होने से ग्रामीणों को अब जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 15-20 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जबकि पहले यह दूरी मात्र आधा किलोमीटर थी। इस बदलाव का सीधा असर छात्रों, मजदूरों और मरीजों पर पड़ा है। कई छात्र स्कूल और कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों को रोजी-रोटी के लिए शहर तक जाना मुश्किल हो गया है। मरीजों को सदर अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है।

राज्य सरकार और प्रशासन हरकत में | Jamtara bridge collapsed

यह क्षेत्र स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का विधानसभा क्षेत्र है। स्थानीय लोगों ने पुल ध्वस्त होने की जानकारी मंत्री को भी दी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को नदी किनारे और क्षतिग्रस्त पुल के आसपास न जाने की हिदायत दी गई। तेज बहाव के कारण दुर्घटना की आशंका को देखते हुए बैरिकेडिंग के आदेश दिए गए हैं।

एसडीएम अनंत कुमार ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग को जल्द दुरुस्त करने और नए पुल के निर्माण को लेकर विभागीय स्तर पर पत्राचार शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने और स्थायी पुल के निर्माण की मांग तेज कर दी है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक ग्रामीणों का जीवन कठिनाइयों से भरा रहेगा। Jamtara bridge collapsed

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