Paraguay Latest News: पराग्वे के राष्ट्रपति की कुर्सी छिनी, बैंक घोटाले में अब गिरफ्तारी तय
सीनेट ने महाभियोग से हटाया
Paraguay Banking Scandal: असुनसियन (सच कहूँ/एजेंसी)। दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे में बड़े बैंकिंग संकट ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। यूएनो बैंक के पतन और उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को सत्ता गंवानी पड़ी। सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पर हुए मतदान में सभी 44 उपस्थित सदस्यों ने उन्हें पद से हटाने के पक्ष में वोट दिया। इस घटनाक्रम के बाद तत्कालीन उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाल ली। वहीं, पद से हटाए जाने के बाद पेना को हाउस अरेस्ट में रखा गया है। अभियोजन पक्ष बैंकिंग संकट से जुड़े संभावित अपराधों की जांच कर रहा है।
यूएनो बैंक संकट से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद
पराग्वे में संकट उस समय गहरा गया जब केंद्रीय बैंक ने वित्तीय स्थिति बिगड़ने के बाद यूएनो बैंक का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इस कार्रवाई के चलते करीब 30 लाख खाताधारकों को अपने खातों से पैसे निकालने में परेशानी हुई। बैंक में आम लोगों के अलावा पेंशन और सरकारी संस्थानों से जुड़ी बड़ी धनराशि भी जमा थी। बैंक के कामकाज और वित्तीय स्थिति को लेकर उठे सवालों ने सरकार को भी जांच के घेरे में ला दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बैंक से जुड़े मामलों में सरकारी स्तर पर अनुचित हस्तक्षेप हुआ और नियामकीय कार्रवाई में गंभीर लापरवाही बरती गई।
विपक्षी नेताओं ने पेना पर यूएनो बैंक से जुड़े कारोबारी हितों और सरकारी फैसलों के बीच टकराव होने का आरोप लगाया। पेंशन फंड की रकम के इस्तेमाल, बैंक की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए। पेना पहले बैंक की मूल कंपनी ग्रुपो वास्केज से जुड़े रहे थे और वर्ष 2025 में उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी। हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
इस्तीफे के बावजूद आगे बढ़ी महाभियोग की कार्रवाई
राजनीतिक दबाव बढ़ने के बीच पेना ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी। लेकिन कांग्रेस में उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद निचले सदन ने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दी और मामला सीनेट तक पहुंच गया। पेना ने अपना पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। उनका कहना था कि आरोपों से जुड़े दस्तावेज उन्हें सुनवाई से कुछ समय पहले ही मिले थे। सीनेट ने समय बढ़ाने की मांग ठुकरा दी और उनकी अनुपस्थिति में सुनवाई आगे बढ़ाई। बाद में उनके वकील संसद पहुंचे और बचाव पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई।
जांच के घेरे में पूर्व राष्ट्रपति और बैंक अधिकारी
राष्ट्रपति पद से हटाए जाने के बाद अभियोजन एजेंसियों ने पेना के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। जांच का दायरा बैंक की निगरानी, सरकारी धन के निवेश और कथित प्रभाव के इस्तेमाल जैसे मामलों तक फैला हुआ है। पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख कार्लोस कार्वालो के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। बैंक से जुड़े कई पूर्व अधिकारियों को भी जांच का सामना करना पड़ा है।
पेड्रो अलियाना के सामने अब बैंकिंग संकट से प्रभावित लाखों ग्राहकों का भरोसा बहाल करने और जमा धन की वापसी सुनिश्चित करने की चुनौती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पराग्वे की वित्तीय निगरानी व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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