BSF: मिजोरम-बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ को मिली बड़ी कामयाबी

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BSF operation Mizoram border: आइजोल। मिजोरम के लुन्गले ज़िले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्नाफुली नदी के तट से अवैध रूप से तस्करी की जा रही सागौन की लकड़ी की एक बड़ी खेप जब्त की है। बीएसएफ की 152वीं बटालियन के जवानों ने 2 अक्टूबर को प्राप्त विशेष खुफिया सूचना के आधार पर नदी किनारे छिपाई गई 50 सागौन की लकड़ियों को बरामद किया। इन लकड़ियों को अवैध रूप से बांग्लादेश भेजे जाने की तैयारी की जा रही थी। BSF News

यह हाल के दिनों में तस्करी के विरुद्ध बीएसएफ की तीसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले 26 सितंबर को इसी नदी के क्षेत्र से 186 सागौन के लट्ठे और 21 सितंबर को 46 लकड़ी के लट्ठे जब्त किए गए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि तस्कर अब नदी मार्ग का उपयोग कर कीमती लकड़ी को सीमापार पहुंचाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

सीमापार सक्रिय गिरोह स्थानीय सहयोग से अवैध तस्करी को अंजाम दे रहे

अधिकारियों ने बताया कि मिजोरम की सीमाएँ भारत, म्यांमार और बांग्लादेश से सटी हुई हैं, और कई स्थानों पर इनकी भौगोलिक स्थिति कठिन एवं दुर्गम होने के कारण तस्कर इसका लाभ उठा रहे हैं। सीमापार सक्रिय गिरोह स्थानीय सहयोग से सागौन और अन्य मूल्यवान लकड़ियों की अवैध तस्करी को अंजाम दे रहे हैं, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को गंभीर क्षति पहुँच रही है। BSF News

बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि सीमा क्षेत्रों में अब गश्त और निगरानी और अधिक सुदृढ़ की गई है ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाई जा सके। उन्होंने स्थानीय निवासियों से भी अपील की कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल सुरक्षा बलों को सूचना दें, जिससे तस्करों की योजनाओं को नाकाम किया जा सके।

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि मिजोरम और पूर्वोत्तर क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता की रक्षा के लिए ऐसी संयुक्त कार्यवाहियाँ अत्यंत आवश्यक हैं। अवैध लकड़ी की तस्करी न केवल पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका और पारिस्थितिक संसाधनों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। BSF News

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