World Tiger Day: विश्व बाघ दिवस पर रणदीप हुड्डा ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

विश्व बाघ दिवस पर रणदीप हुड्डा और श्रेया पिलगांवकर ने बाघों के साथ उनके प्राकृतिक आवास और वन्यजीव गलियारों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया

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मुंबई (सच कहूँ)  विश्व बाघ दिवस के अवसर पर अभिनेता रणदीप हुड्डा और अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने देशवासियों से बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण का आह्वान किया। दोनों कलाकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश साझा करते हुए कहा कि केवल बाघों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके जंगलों और वन्यजीव गलियारों को सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।

वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए रणदीप हुड्डा ने बाघों की तस्वीरें साझा कीं और कहा कि विकास कार्यों तथा खनन गतिविधियों के कारण जंगलों और वन्यजीव गलियारों पर बढ़ता दबाव चिंता का विषय है। उनका मानना है कि यदि प्राकृतिक आवास सुरक्षित नहीं रहेंगे तो बाघों के संरक्षण के प्रयास भी अधूरे साबित होंगे।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन का महत्वपूर्ण आधार हैं। जंगलों की रक्षा करने से न केवल वन्यजीवों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि पर्यावरण और मानव जीवन भी दीर्घकाल तक संरक्षित रहेगा। अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्राकृतिक वातावरण में बाघों को देखना उनके जीवन के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक रहा है।

उन्होंने कहा कि जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण करते बाघ प्रकृति की अद्भुत सुंदरता और संतुलन का प्रतीक हैं। श्रेया ने यह भी उल्लेख किया कि भारत विश्व में सर्वाधिक जंगली बाघों वाला देश है, जो वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश की महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जंगलों, जैव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, क्योंकि स्वस्थ पर्यावरण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।

विश्व बाघ दिवस के अवसर पर दोनों कलाकारों का संदेश पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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