हमसे जुड़े

Follow us

25.6 C
Chandigarh
Friday, April 17, 2026
More
    Home राज्य दिल्ली/यूपी प्लाज्मा थैरे...

    प्लाज्मा थैरेपी ‘मैजिक बुलेट’ नहीं: आईसीएमआर

    नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(आईसीएमआर) ने कहा है कि प्लाज्मा थैरेपी सिल्वर बुलेटटेस्ट नहीं है और ठोस वैज्ञानिक शोधों के बिना इसके इस्तेमाल की सिफारिश करना मरीजों को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान हो सकता है। (Plasma Therapy) आईसीएमआर के महानिदेशक डा़ बलराम भार्गव के एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित लेख में स्पष्ट किया गया है कि आईसीएमआर अभी इस पर शोध कार्य कर रहा है और यह ‘ओपन लेबल, रेंडमाइज्ड, कंट्रोल्ड ट्रायल’है जो इस थैरेपी की सुरक्षा तथा प्रभाविता के लिए किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि इस थैरेपी से कुछ मरीजों में बुखार, खुजली, फेंफड़ों को नुकसान और गंभीर जानलेवा दुष्परिणाम हो सकते हैं। अभी तक केवल 19 मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी के तीन लेख प्रकाशित हुए हैं और इतने कम मरीजों की संख्या के आधार पर यह सिफारिश नहीं की जा सकती है । यह कहना भी सही नहीं होगा कि यह थैरेपी सभी मरीजों के लिए समान रूप से कारगर साबित होगी।

    दरअसल महाराष्ट्र में एक मरीज की प्लाज्मा थैरेपी के दौरान मौत हो जाने से इसकी सटीकता को लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए है और स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसके बारे में स्पष्ट कर दिया है कि प्लाज्मा थेरेपी को विश्व में कहीं भी मान्य उपचार के तौर पर पुष्टि नहीं हुई है और यह सिर्फ ट्रायल के तौर पर ही की जा रही है तथा दिशा-निदेर्शों का पालन किए बिना यह घातक साबित हो सकती है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।