Shah Mastana Ji
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बंजर भूमि में बहार छा गई, सच्ची सरकार आ गई …
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By Sach Kahoon Desk
सच्ची सरकार आ गई भाईचारा प्रेम जब मिटने लगा हर रिश्ते में दरार आ गई , तरस खाकर करने उधार रूहों का सच्ची सरकार आ गई । कार्तिक की पूर्णमासी , हर रूह के मस्तक पर उज्जास था । सुखी कलियां जी उठी , रूहानियत के बादशाह का आगमन बड़ा खास था उनके दर से […]
Source of inspiration: ‘‘यह तो देने वाला फकीर है, लेने वाला नहीं।’’
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By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration: सन् 1958, दिल्ली। एक बार जीवोद्धार यात्रा के दौरान पूजनीय बेपरवाह साँईं शाह मस्ताना जी महाराज दिल्ली पधारे हुए थे। बेपरवाह जी ने कपड़े की खरीददारी करने की इच्छा व्यक्त की। कुछ सेवादारों को साथ लेकर आप जी दिल्ली के चांदनी चौक बाजार में एक दुकान पर गए। उस समय सरसा से भक्त चरण […]
Shah Mastana Ji : ‘तहसीलदार को हुआ गलती का अहसास’, हाथ जोड़कर मांगी माफी!
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By Sach Kahoon Desk
Shah Mastana Ji : शाह मस्तान शाह सतनाम जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र, डेरा सच्चा सौदा, सरसा में भवन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा था। सेवादार भाई पूजनीय बेपरवाह साँईं शाह मस्ताना जी महाराज के हुक्मानुसार पूरी तन्मयता से सेवा में जुटे हुए थे। नई दीवारों पर टीप करने के लिए 50 […]
Source of Inspiration : देखते ही देखते मृत बच्चे ने आंखें खोल दीं, सच्चे सतगुरू जी ने उसे जीवित कर दिया!
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By Sach Kahoon Desk
Source of Inspiration : सन् 1957, बुधरवाली, राजस्थान राजस्थान के गांव बुधरवाली में 27 सिंतबर, 1957 की रात को शहनशाह शाह मस्ताना जी सत्संग फरमा रहे थे। काफी संख्या में साध-संगत बड़े प्रेम व मस्ती से सत्संग सुन रही थी। इस गांव का माड़ू राम नामक व्यक्ति मेहनत-मजदूरी कर हक-हलाल की खाने वाला श्रद्धापूर्वक सत्संग […]
Source of inspiration: नाम दान लेते ही यूं बदली तकदीर!
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By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration: प्रमुख दास गांव खजूरी (फतेहाबाद) में रहता था। उसका पहला नाम राम गोपाल शर्मा था। सन् 1952 में परम पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने पहली बार जब महमदपुर रोही में सत्संग फरमाया था तो गांव में सबसे पहले राम गोपाल ने नाम-दान प्राप्त किया था। पूजनीय शहनशाह जी ने अपार […]
Shah Mastana Ji: अपने भक्त की सुनीं पुकार, बख्शी ‘खुशियाँ बेशुमार’!
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By Sach Kahoon Desk
बहन ईशर कौर सुचान (सरसा) से पूजनीय शहनशाह शाह मस्ताना जी महाराज की अपार रहमत का वर्णन करती हुई बताती हैं कि सन् 1958 की बात है। मेरे ससुराल वालों ने अपनी सारी जमीन जो गांव सुचान (सरसा) के क्षेत्र में आती थी, को बेचकर यूपी (उत्तर प्रदेश) में खरीदने का निर्णय लिया। लेकिन मैंने […]
तेरे मकान का एक कंकर लाख रुपये में भी नहीं देंगे
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By Sach Kahoon Desk
Shah Mastana Ji Maharaj: पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज डेरे में नीम के वृक्ष के नीचे, पानी से भरे टब में स्नान कर रहे थे। वहीं पास ही लालपुरा गांव का प्रेमी ख्याली राम मकानों की नींव के पास मिट्टी दबाने की सेवा में लगा हुआ था। स्नान करते करते पूजनीय बेपरवाह जी […]
साईं जी ने मीठे वचनों से आलोचना करने वालों को भगत बनाया!
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डेरा सच्चा सौदा सतलोक पुर धाम नेजिया खेड़ा आश्रम सरसा से चौपटा सड़क पर स्थित है। जो इस गांव की शान है। एक बार की बात है। उन दिनों सरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम का मुख्य दरवाजा पूर्व दिशा की ओर से जाती पुरानी सड़क पर था। एक दिन पूजनीय बेपरवाह सांई शाह मस्ताना […]
Source of Inspiration: सतलोक को उड़ान: यूं ओड़ निभा जाते हैं सतगुरु के प्यारे शिष्य?
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By Sach Kahoon Desk
Source of Inspiration एक बार गांव चूनावढ़ (राजस्थान) में सुबह का सत्संग था। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज (Shah Satnam Ji Maharaj) शाही स्टेज पर आकर विराजमान हो गए। पूजनीय परम पिता जी की आज्ञा से भाई हाथी राम को शब्द बोलने का समय दिया गया। जैसे ही हाथी राम ने नारा बोला […]
करिश्मा : जब लाशों के बीच पड़े जख्मी के खून को खुद शाह मस्ताना जी ने किया साफ
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By Sach Kahoon Desk
सच्चाई की दास्तान, जहां बचाव किया खुद शाह मस्तान प्रेमी हंस राज खट्टर पुत्र श्री गुरांदित्तामल गऊशाला रोड, सरसा से पूजनीय परम संत बेपरवाह मस्ताना जी महाराज (Shah Mastana Ji) की अपार रहमत का वर्णन करते हुए बताता है कि मेरा छोटा भाई इन्द्रजीत जोकि अपना शरीर छोड़कर सचखंड जा चुका है, उसने पूजनीय बेपरवाह […]
भक्तों की सुनी पुकार, बख्शा खुशियों का खजाना
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करके रहमत बेमिसाल, कर दिया मालामाल दरबारा सिंह पुत्र स्व. श्री हरदम सिंह उर्फ हाथी राम शास्त्री नगर, नई दिल्ली ने बताया कि पहले हम बहुत ज्यादा गरीब थे। जमीन तो हमारे पास तब भी काफी थी लेकिन सारी जमीन बंंजर थी। यदि बरसात अच्छी हो जाती तो कुछ फसल हो जाती। आमतौर पर उन […]
जीते को चांदी, हारने वाले को सोना
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By Sach Kahoon Desk
सन् 1956, नोहर, हनुमानगढ़ (राजस्थान)। बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज नोहर (राजस्थान) में सेठ दुली चंद के घर सत्संग फरमाने के बाद गांव ननेऊ जिला हनुमानगढ़ पहुंचे। वहीं साध-संगत ने शहनशाह जी का भव्य स्वागत किया। पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज की ओर से बनाई गई सेवादारों की टीम भी वहीं पहुंची हुई थी। टीम के […]