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Women’s Boxing World Championships: देश की बेटियों का कमाल, हनीप्रीत इन्सां ने कहा-निखत, लवलीना को सलाम…
निखत, लवलीना की जीत के साथ भारत ने लगाया स्वर्णिम चौका
नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारत की होनहार मुक्केबाज निखत (Nikhat, Lovlina) जरीन और लवलीना बोरगोहेन ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में रविवार को अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किये। पिछली बार 52 किग्रा वर्ग में विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली निखत ने 50 किग्रा वर्ग में दो बार की एशियाई चैंपियन वियतनाम की थी ताम नुयेन को 5-0 से हराकर लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन का ताज अपने सिर सजाया।
टोक्यो ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना ने खिताबी (Women’s Boxing World Championships) मुकाबले में आॅस्ट्रेलिया की केटलीन पार्कर को 5-2 से मात देकर भारत का चौथा स्वर्ण जीता। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की बेटी ‘रूह दी’ हनीप्रीत इन्सां ने ट्वीट कर निखत और लवलीना को बधाई दी है।
Our women have once again raised the bar high & brought laurels to our Nation ??. Kudos to @nikhat_zareen & @LovlinaBorgohai on winning the gold?medal in the Women's Boxing World Championships
— Honeypreet Insan (@insan_honey) March 27, 2023
गत विश्व चैंपियन निखत ने बाउट की शुरूआत से ही सटीक मुक्के मारे और पैरों का तेजी से उपयोग करके नुयेन के हमलों को बेअसर किया। निखत ने पहला राउंड 5-0 से जीत लिया लेकिन वियतनामी मुक्केबाज ने अच्छी वापसी करते हुए दूसरा राउंड 3-2 से अपने नाम किया। निखत ने निर्णायक राउंड में धैर्य और आक्रमण का सही मिश्रण करके दिखा दिया कि वह दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने की हकदार हैं। निखत विश्व चैंपियनशिप में दो बार स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय मुक्केबाज हैं। निखत से पहले मैरी कॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018) छह बार यह कारनामा कर चुकी हैं। दूसरी ओर, लवलीना विश्व चैंपियनशिप जीतने वाले भारतीय मुक्केबाजों की सूची में आठवें स्थान पर हैं। सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006), लेखा केसी (2006) और निखत जरीन (2022) भी भारत के लिये यह कारनामा कर चुकी हैं।
मैं दूसरी बार विश्व चैंपियन बनकर बेहद खुश हूं | Nikhat, Lovlina
निखत ने इस ऐतिहासिक जीत के बाद कहा, ‘मैं दूसरी बार विश्व चैंपियन बनकर बेहद खुश हूं, खासकर एक अलग भार वर्ग में। पूरे टूनार्मेंट में आज का मुकाबला सबसे कठिन था और चूंकि यह टूनार्मेंट का आखिरी मैच था इसलिए मैं अपनी ऊर्जा का पूरी तरह से उपयोग करना चाहती थी। यह बाउट उतार-चढ़ाव भरा था जिसमें हम दोनों को चेतावनी के साथ-साथ आठ काउंट भी मिले। अंतिम दौर में मेरी रणनीति थी कि मैं पूरी ताकत से आक्रमण करूं और जब विजेता के रूप में मेरा हाथ उठा तो मुझे बहुत खुशी हुई। यह पदक भारत के लिये और उन सभी लोगों के लिये है जिन्होंने पूरे टूनार्मेंट में हमारा समर्थन किया है।”
निखत ने देश का नाम रोशन किया | Nikhat, Lovlina
निखत ने आगामी ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए इस साल के टूर्नामेंट के लिये फ्लाइवेट से लाइट फ्लाईवेट का रुख किया था। तेलंगाना की 26 वर्षीय मुक्केबाज ने नये भार वर्ग में न सिर्फ शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि अपने स्वर्णिम अभियान में उन्होंने शीर्ष वरीय अफ्रीकी चैंपियन रौमेसा बौआलम, कोलंबिया की इनग्रिड वैलेंसिया और दो बार की विश्व चैंपियनशिप मेडलिस्ट थाईलैंड की छुतामत रक्षत को भी हराया।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने निखत की जीत पर कहा, “निखत को लगातार दूसरे वर्ष विश्व चैंपियन बनने पर बधाई। मुझे यकीन है कि वह देश भर की युवा लड़कियों के लिये देश के लिये स्वर्ण पदक जीतने का एक चमकदार उदाहरण बनेंगी। वह आने वाले वर्षों के लिये एक चैंपियन बनने जा रही है और हम निश्चित रूप से 2024 में इनकी ओर से ओलंपिक पदक देखेंगे। निखत और लवलीना की के साथ भारत ने कुल चार स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियनशिप का समापन किया। राष्ट्रमंडल खेल 2022 की गोल्ड मेडलिस्ट नीतू घंघास (48 किग्रा) और तीन बार की एशियाई पदक विजेता स्वीटी बूरा (81 किग्रा) ने भी शनिवार को मेजबान टीम के लिये सोना जीता था।
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