शिक्षा और रोजगार
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी ने सुझाया तरक्की का रास्ता
''नियम बनाकर सुमिरन करो, आत्म-विश्वासी बन पाओगे, नेक कामों में तरक्की कर पाओगे''
सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि हमारे धर्मों में यह लिखा है कि भगवान, अल्लाह, वाहेगुरु, राम है। कोई साधक उसे याद करता है तो उससे किरणें टकराती हैं जो इन्सान का आत्म-विश्वास बढ़ाती हैं और आत्म-विश्वास बढ़ने से आदमी सफलता की सीढ़ियां चढ़ता चला जाता है। Anmol Vachan
यह बात वैज्ञानिक भी मानने लगे हैं कि यह सही है कि अगर कोई मालिक का नाम लेता है, उन्हें एक अलग शक्ति, ताकत, हिम्मत मिलती है ताकि वो बुराइयों से लड़ सके, अपने अंदर की बुरी आदतों को बदल सके। आप जी फरमाते हैं कि सुमिरन के लिए नियम बनाओ। आप रोजाना सुबह-शाम मालिक के नाम का जाप करो। सुबह-शाम 15 मिनट से शुरू करके नियम बनाकर सुमिरन करो। सुमिरन के बिना आत्म-विश्वासी नहीं बन पाओगे, नेक कामों में तरक्की नहीं कर पाओगे।
जगह-जगह रूकावटे हैं, बुराई के नुमाइंदें जाल बिछाए बैठे हैं। ज़रा सी बात हुई नहीं कि उनका जाल आप पर आ पड़ता है और आप उनकी मीठी-मीठी, लचकदार बातों में उलझ जाते हैं और ऐसे उलझते हैं कि अपनी असलियत से दूर हो जाते हैं। तो भाई, सुमिरन करो। सुमिरन करने में कोई जोर नहीं लगता। इसके लिए कोई अलग से कपड़े नहीं पहनने। जो आपको अच्छे लगते हैं वो कपड़े पहनो।
यह रूहानियत में कहीं भी नहीं आता कि भगवान कपड़ों पर मोहित होता है या किसी अलग तरह की वेशभूषा से खुश होते हैं, जो मर्जी कपड़े पहनो। अपने अंदर के विचारों को स्वच्छ करो। अगर अंदर के विचार शुद्ध हैं, अंदर का शुद्धिकरण आप कर लेते हो तो मालिक की मुसलाधार रहमत बरसती हुई आपको नज़र भी आएगी और आप उसका आनंद भी उठा पाएंगे। Anmol Vachan