पल-पल इन्सानियत को, सृष्टि के कल्याण को समर्पित पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के 30 दिन
बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर किया 176वें मानवता भलाई कार्य का आगाज
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। सच्चे रूहानी संतों के जीवन का हर क्षण मानवता की सेवा को समर्पित रहता है। वे हमेशा हर जीव-प्राणी के जीवन को खुशियों से भरने में तल्लीन रहते हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने सरसा निवास के दौरान अपने 30 दिनों को हर दिन, हर घंटे, हर पल सृष्टि के कल्याण को समर्पित किया। आपजी ने बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर 176वें मानवता भलाई कार्य का आगाज किया, जिसके तहत डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत ने संकल्प लिया कि वे बच्चों से मजदूरी नहीं करवाएंगे और अगर कोई बच्चा मजदूरी करता मिलता है तो उसकी शिक्षा की व्यवस्था करेंगे।
विश्व रक्तदाता दिवस पर पूज्य गुरु जी ने देश और दुनिया में थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को नियमित रक्त उपलब्ध करवाने के लिए विशेष अभियान का आगाज किया। पूज्य गुरु जी के आह्वान पर डेरा सच्चा सौदा (Dera Sacha Sauda) की साध-संगत ने लिखित रूप से फार्म भरकर इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संकल्प लिया। इसके तहत साध-संगत ऐसे मरीजों को जरूरत के अनुसार समय-समय पर रक्तदान करेगी, ताकि किसी भी मरीज को रक्त की कमी के कारण परेशान न होना पड़े।
अभियान की शुरूआत पंजाब के पटियाला स्थित एमएसजी डेरा सच्चा सौदा एवं मानवता भलाई केंद्र शाह सतनाम जी नुरानी धाम तथा शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल (Shah Satnam Ji Specialty Hospital) में स्थापित पूज्य बापू मग्घर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड सेंटर में आयोजित विशेष रक्तदान शिविरों (Blood Donation Camp) से हुई। इसके तहत पटियाला में 304 यूनिट रक्तदान हुआ।
उल्लेखनीय है कि पूज्य गुरु जी के मार्गदर्शन में डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत अब तक 33 लाख यूनिट से अधिक रक्तदान कर मानवता सेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बना चुकी है। वहीं आप जी ने अपनी निजी कमाई में से पंजाब के जिला संगरूर के नजदीकी गांव कमोमाजरा कलां की 20 वर्षीय बेटी जसप्रीत कौर को 48 घंटों में कमरा, बरामदा, रसोई सहित पूरा मकान बनाकर दिया।
बता दें कि इस बेटी के पिता का 2021 में निधन हो गया था और उसकी माँ दूसरों के घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाने को मजबूर थी। इनका घर इतना जर्जर हो गया था कि बारिश के दिनों में उन्हें धर्मशाला या दूसरों के घरों में रहना पड़ता था। इसके साथ ही आपजी ने शाह मस्ताना शाह सतनाम जी धाम का नवनिर्माण करवाकर अनामी का नमूना बनाया, जो आमजन के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गया है।
पूज्य गुरु जी ने नशों के खिलाफ चलाई मुहिम को इन 30 दिनों में इतनी गति दी कि बड़ी संख्या में लोगों ने नशा त्याग दिया। आप जी ने भयंकर नशे के शिकार लोगों को इस अभिशाप से बचाकर उन्हें पौष्टिक आहार देकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर किया जिससे उनके घरों में पुन: खुशियां लौट आई। ग्राम पंचायतों के आग्रह पर पूज्य गुरु जी ने सरसा जिले के गांव केलनिया, अली मोहम्मद और सहारणी में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता की सौगात दी।
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