Ghaggar News: घग्घर में फिर आया पानी, धान उत्पादक किसानों के चेहरे खिले
करीब 25 दिन बाद नदी में दोबारा बढ़ा जलप्रवाह, सिंचाई की चिंता हुई कम, आसपास के क्षेत्रों को भी राहत की उम्मीद
हनुमानगढ़। लंबे इंतजार के बाद घग्घर नदी में एक बार फिर पानी की आवक शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। जुलाई में पानी आने के बाद कुछ ही दिनों में नदी का बहाव थम गया था। अब करीब 25 दिन बाद दोबारा पानी पहुंचने से खासकर धान की फसल पर निर्भर किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। Ghaggar News
जानकारी के अनुसार हरियाणा के ओटू हेड से छोड़ा गया पानी मंगलवार अलसुबह टिब्बी क्षेत्र में पहुंचा। इससे पहले 16 जुलाई को भी घग्घर में पानी आया था, लेकिन दो-तीन दिन बाद ही बहाव रुक गया था। इसके बाद किसान नदी में फिर से पानी आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। घग्घर में पानी पहुंचने के साथ ही नदी के आसपास बसे गांवों में भी रौनक लौट आई है। खरीफ सीजन में धान की खेती के लिए घग्घर का पानी किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
नदी में पर्याप्त पानी रहने से खेतों की सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता कम हो सकती है। किसानों का कहना है कि लगातार पानी उपलब्ध रहने पर धान की फसल को समय पर सिंचाई मिल सकेगी। इससे जहां फसल की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं सिंचाई के लिए होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम किया जा सकता है। Ghaggar News
पिछली बार घग्घर में पानी आने के बाद कुछ दिनों तक नदी में बहाव बना रहा, लेकिन इसके बाद पानी बंद हो गया था। ऐसे में किसानों को धान की फसल की सिंचाई के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। अब नदी में फिर से पानी आने से उनकी चिंता काफी हद तक कम हुई है। किसानों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि घग्घर में पानी का प्रवाह कितने दिनों तक लगातार बना रहता है। उनका मानना है कि यदि पानी की आवक लंबे समय तक जारी रही तो इसका सीधा फायदा धान की फसल को मिलेगा।
जलस्रोतों और पशुपालकों के लिए भी उम्मीद
घग्घर में पानी आने का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहेगा। नदी में लगातार पानी रहने से आसपास के जलस्रोतों को भी लाभ मिलने की संभावना है। इससे क्षेत्र में भूजल स्तर और पर्यावरणीय स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं नदी के पानी से पशुपालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि पिछले कुछ समय से खेतों में नमी की कमी महसूस हो रही थी। अब नदी में पानी आने से सिंचाई को लेकर तत्काल राहत मिली है। किसानों को उम्मीद है कि घग्घर का बहाव आगे भी जारी रहेगा और धान की फसल को उसकी जरूरत के अनुसार पानी मिलता रहेगा। Ghaggar News