पॉवरकॉम के बाहर आंदोलन तेज, आउटसोर्स कर्मचारियों ने दूसरे गेट का किया घेराव
अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर खड़ा रहना पड़ा, डीएसपी ने समझाकर खत्म करवाया प्रदर्शन
पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। Patiala News: पॉवरकॉम मुख्यालय के बाहर कच्चे कर्मचारियों के धरने के दौरान बुधवार सुबह उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब आउटसोर्स कर्मचारियों ने पॉवरकॉम के दूसरे गेट का घेराव कर दिया। इसके चलते अधिकारियों और कर्मचारियों को करीब 15 से 20 मिनट तक बाहर ही खड़ा रहना पड़ा।
इधर, दूसरी ओर मीटर रीडरों ने भी अपना आंदोलन तेज करते हुए लगभग 20 मीटर रीडर माता कौशल्या अस्पताल के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि 16 जून से आउटसोर्स कर्मचारी पॉवरकॉम कार्यालय के बाहर विभाग में नियमित (रेगुलर) किए जाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं और उन्होंने पॉवरकॉम के मुख्य गेट को बंद कर रखा है। बुधवार को प्रदर्शन तेज करते हुए उन्होंने दूसरे गेट का भी घेराव कर दिया, जिससे मुख्यालय पहँुचने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को बाहर इंतजार करना पड़ा।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरविन्द्र शर्मा ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों की माँग है कि उन्हें विभाग में नियमित किया जाए तथा बकाया वेतन और अन्य लंबित भुगतान जल्द जारी किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पॉवरकॉम प्रबंधन लगातार कर्मचारियों की माँगों की अनदेखी कर रहा है, जबकि हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारियों को विभाग में शामिल करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद प्रबंधन ने इस संबंध में कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
मौके पर पहुंचे क्षेत्र के डीएसपी संजीव सिंगला ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाया, जिसके बाद उन्होंने गेट खाली किया और अधिकारियों तथा कर्मचारियों का मुख्यालय में प्रवेश संभव हो सका। हालांकि यूनियन नेताओं का कहना था कि उन्होंने कोई गेट बंद नहीं किया था, बल्कि केवल गेट के बाहर प्रदर्शन किया था। उनके अनुसार गेट सुरक्षा कर्मियों द्वारा स्वयं बंद किया गया था।
पानी की टंकी पर चढ़े कई मीटर रीडर
उधर, पावरकॉम के बाहर मीटर रीडर भी 23 जून से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को इनमें से करीब 20 सदस्य माता कौशल्या अस्पताल के निकट स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जबकि उनके अन्य साथी नीचे धरने पर बैठ गए। मीटर रीडर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष लखविन्द्र सिंह ने कहा कि कई महीनों से रोका गया उनका वेतन तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पावरकॉम प्रबंधन उनकी माँगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है, जिसके कारण उनके साथियों को मजबूर होकर पानी की टंकी पर चढ़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि मीटर रीडर यूनियन जहाँ स्मार्ट मीटरों का विरोध कर रही है, वहीं अपनी सेवाओं को नियमित किए जाने की माँग भी जोर-शोर से उठा रही है।
