Army Chief J&K Visit: अचानक बॉर्डर पर सैन्य तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सेनाध्यक्ष
सेना प्रमुख धीरज सेठ ने LoC के अग्रिम इलाकों का किया दौरा
Army Chief J&K Visit: नई दिल्ली/श्रीनगर (सच कहूँ/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) और अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था तथा सैन्य तैयारियों की समीक्षा के लिए सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने चिनार कोर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय सैन्य कमांडरों से मौजूदा सुरक्षा स्थिति की जानकारी ली और विभिन्न अभियानों के लिए सेना की तैयारियों का जायजा लिया।
उत्तरी कमान के अंतर्गत आने वाली चिनार कोर के क्षेत्र में पहुंचे सेना प्रमुख को कमांडरों ने परिचालन तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्हें LoC पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के अंदरूनी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़ी तैयारियों के बारे में भी अवगत कराया गया।
दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ ने अभियान क्षेत्रों में तैनात सैनिकों से बातचीत की। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे सैन्यकर्मियों की सतर्कता की सराहना की। सेना प्रमुख ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना की क्षमताओं को लगातार विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने सेना के पांच-बिंदु वाले ‘VIJAY’ मार्गदर्शक ढांचे के महत्व को रेखांकित किया। इस ढांचे का उद्देश्य भारतीय सेना को भविष्य की विभिन्न प्रकार की सैन्य चुनौतियों के लिए तैयार करना और जरूरत पड़ने पर कम समय में प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करना है।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
जनरल सेठ ने जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सेना, नागरिक प्रशासन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को महत्वपूर्ण बताया। दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ संयुक्त रूप से किए जा रहे अभियानों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय से संबंधित पहलुओं की भी समीक्षा की गई।
सेना प्रमुख के दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तंगधार रहा। यहां उन्होंने भारतीय सेना द्वारा आयोजित ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ के तहत लगाए गए उन्नत नेत्र चिकित्सा शिविर का निरीक्षण किया। इस शिविर का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों तक विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। शिविर में सैन्यकर्मियों के साथ वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और स्थानीय नागरिकों को भी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
6 हजार से ज्यादा मरीजों की जांच का लक्ष्य
इस विशेष चिकित्सा अभियान में नई दिल्ली स्थित सेना अस्पताल रिसर्च एंड रेफरल तथा श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल की विशेषज्ञ टीमें सेवाएं दे रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार शिविर 23 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के दौरान 6,000 से अधिक मरीजों की जांच और 400 से ज्यादा नेत्र संबंधी सर्जरी किए जाने की योजना है।
इस पहल के जरिए ऐसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां नियमित रूप से ऐसी सेवाओं तक पहुंच सीमित है। सेना प्रमुख का यह दौरा जम्मू-कश्मीर में एक ओर LoC पर परिचालन तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा से जुड़ा रहा, वहीं दूसरी ओर तंगधार में सैन्य चिकित्सा पहल के जरिए स्थानीय लोगों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर भी केंद्रित रहा।