INDIA Bloc Protest Latest News: इंडिया ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ संघर्ष तेज, देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
''केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के लोकतंत्र-विरोधी रवैये के खिलाफ संघर्ष रहेगा जारी''
Gyanesh Kumar Protests Update: नई दिल्ली (सच कहूँ/एजेंसी)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों की नाराजगी अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर दिखाई दे रही है। इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जारी रखने का संकेत दिया है। विपक्षी नेताओं के अनुसार, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के साथ आगे के आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से विपक्षी दलों के नेताओं को चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किए जाने को भी इसी रणनीतिक कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि बैठक में मौजूदा परिस्थितियों, विरोध-प्रदर्शन और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर विचार किया जाएगा।
लोकतंत्र के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन की तैयारी: वी. शिवदासन
सीपीआई(एम) सांसद वी. शिवदासन ने कहा कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के रवैये के खिलाफ विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि विभिन्न दलों के नेता आपसी विचार-विमर्श के बाद देशभर में व्यापक जन-अभियान चलाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, छात्रों और युवाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा आंदोलन से जुड़े लोगों की हिरासत पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, विपक्ष इन घटनाओं को लेकर अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन को मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि इसमें केवल राजनीतिक दलों की भागीदारी नहीं थी, बल्कि आम लोगों की चिंताएं भी सामने आईं। राहुल गांधी की ओर से बुलाई गई बैठक पर उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता अलग-अलग स्तरों पर चर्चा कर रहे हैं। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार को लेकर भी गंभीर विचार-विमर्श जरूरी है, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
राहुल गांधी पर लगे आरोपों को कांग्रेस सांसद ने नकारा
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने राहुल गांधी पर एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बड़े प्रदर्शन के बाद लगाए जा रहे आरोपों से जोड़कर देखा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के प्रदर्शन से भाजपा असहज हुई है। केरल विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से संबंधित प्रस्ताव पर भी भगत ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सवाल केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों और संस्थागत जवाबदेही का है।
समाजवादी पार्टी के सांसद बीरेंद्र सिंह ने कहा कि इंडिया ब्लॉक की रणनीति पर फैसला सामूहिक चर्चा के बाद लिया जाता है। उन्होंने बताया कि विपक्ष की कुछ आपत्तियों को न्यायालय के सामने रखने के उद्देश्य से याचिका दायर करने का कदम उठाया गया है। कांग्रेस सांसद कर्मवीर बौद्ध के मुताबिक, विपक्षी नेता संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से अपनी मांगें रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की योजना के संदर्भ में रिट याचिकाएं दाखिल की गई हैं। उन्होंने चुनाव आयोग, राष्ट्रपति और न्यायपालिका के समक्ष अपनी बात रखने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। बौद्ध ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर विपक्ष की आपत्तियां दोहराईं। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष अलग से देखना जरूरी है।
'शिव की बारात' वाले बयान पर राजद विधायक की प्रतिक्रिया
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राहुल गांधी के 'शिव की बारात' वाले बयान को आंदोलन में लोगों की भागीदारी के आह्वान के तौर पर समझाया। उनके अनुसार, यह टिप्पणी मताधिकार और देश के लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़े मुद्दों पर लोगों को साथ आने का संदेश देती है। जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाए जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा और एनडीए पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी प्रदर्शन में लोगों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए स्थान बदला गया होगा।
इंडिया ब्लॉक के नेताओं की प्रस्तावित बैठक के बाद आंदोलन की अगली दिशा को लेकर अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है। विपक्ष एक ओर सार्वजनिक प्रदर्शन के जरिए अपना विरोध दर्ज करा रहा है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक और संवैधानिक माध्यमों से अपनी मांगें उठाने की बात कह रहा है। इस पूरे मामले में आगे की स्थिति सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं, संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रियाओं और विपक्षी दलों के अगले फैसलों पर निर्भर करेगी।