अप्रैल 2021 में 73.5 लाख लोगों की गई नौकरी : एचपी यादव

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गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। कोरोना के दूसरे फेज में अनेक राज्यों द्वारा लॉकडाउन एवं रात्रि कर्फ्यू लगाने के कारण अनेकों उद्योग बंद होने के कगार पर आ गए हैं। सीएमआईई के अनुसार अनुसार कोरोना के दूसरे दौर केवल अप्रैल 2021 माह में 73.5 लाख लोगों ने अपनी नौकरी गवाई है। यह कहना है एनसीआर चैम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष एचपी यादव का। एचपी यादव के मुताबिक बैंकों के सहयोग न मिलने के कारण भी बहुत सी एमएसएमई कंपनियां बंद होने के कगार पर आ गई हैं।

बैंकों के ऊपर इन कंपनियों को एनपीए बनाने का बहुत दबाव है। माना जा रहा है कि इसी कारण तथा बैंकों ने मार्च 2021 में मोरटोरियम अवधि का ब्याज जबरदस्ती ले लिया है। यादव के अनुसार विगत वित्तीय वर्ष में बैंकों द्वारा लाखों करोड़ की सम्पति एनपीए घोषित की है, जो कि वित्तीय संस्थानों तथा रोजगार की दृष्टि से बिलकुल प्रतिकूल है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के उपक्रम भी एमएसएमई कंपनियों को बकाया पैसे का भुगतान नहीं कर रहे। बल्कि इसके विपरीत कानूनी लड़ाई का रास्ता अपना रहे हैं। ये उपक्रम वित्त मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय तथा निति आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं। एमएसएमई कंपनियों के लिए अनेकों घोषणाएं की जाती हैं परन्तु वास्तव में जमीनी उन पर कोई अमल नहीं करता, जिस कारण लाखों कंपनी तथा करोड़ों लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कि गई घोषणाएं सिर्फ एक दिखावा हैं। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि एमएसएमई सेक्टर को कम ब्याज दर पर ऋण मिले। मोरेटोरियम अवधि बढ़े तथा विभिन्न करों के भुगतान में छूट/जमा करने के लिए और अधिक समय देकर लघु एवं मध्यम उद्योगों का सहयोग करें। बैंकों को कहा जाए कि देश में विपदा की इस स्थिति में खातों को खराब न करे। बैंक अब भी डिफाल्टर के नाम से लघु उद्योग के खाते खराब कर रहे हैं।

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