Commission Agents Protest: लाइसेंस रद्द होने के नोटिस मिलने पर आढ़तियों ने किया विरोध प्रदर्शन
55 आढ़तियों को आया लाइसेंस रद्द करने का नोटिस
ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। कालांवाली की नई अनाज मंडी में 55 आढ़तियों को लाइसेंस रद्द करने के नोटिस जारी करने पर विवाद गहरा गया है। मार्केट कमेटी की कार्रवाई से नाराज कच्चे और पक्के आढ़तियों ने मंगलवार को एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और कार्यालय के बाहर धरना लगा दिया।
आढ़तियों ने दुकानों पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई। साथ ही बुधवार को भी मंडी बंद रखकर हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। इससे धान खरीद प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप जैन ने कहा कि धान का सीजन शुरू होने से पहले ही मार्केट कमेटी सचिव को लिखित पत्र देकर स्पष्ट कर दिया गया था कि सभी आढ़ती धान की सफाई करवाने के बाद ही खरीद करेंगे।
इसके बावजूद 55 आढ़तियों को लाइसेंस रद्द करने के नोटिस जारी कर दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आढ़ती पहले से तय प्रक्रिया के अनुसार काम कर रहे थे तो अचानक ऐसी कार्रवाई करने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि आढ़ती इस कार्रवाई को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। धरने के दौरान आढ़तियों ने मार्केट कमेटी के अतिरिक्त सचिव विकास कुमार को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। इसमें लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई वापस लेने और सभी आढ़तियों के लाइसेंस बहाल करने की मांग की गई। आढ़तियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
टोकन और धान की सफाई को लेकर भी विवाद
मार्केट कमेटी के अतिरिक्त सचिव विकास कुमार ने कहा कि नई अनाज मंडी में सेलर संचालकों को कमेटी की ओर से नहीं बुलाया गया है। किसान सीधे मंडी पहुंचते हैं तो उन्हें भी आढ़तियों के कहने पर आने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी नियमानुसार टोकन जारी कर रही है। धान की खरीद के बाद सफाई की प्रक्रिया भी सरकारी आदेशों और निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी।
हड़ताल से किसानों की बढ़ सकती है परेशानी
आढ़तियों का कहना है कि अचानक नोटिस जारी करने से मंडी की व्यवस्था प्रभावित होगी। बुधवार को भी हड़ताल जारी रहने से धान की खरीद और अन्य मंडी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को परेशानी उठानी पड़ सकती है
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