Farmer Protests: धान खरीद को लेकर भड़के रोड़ी व कालांवाली के किसान, धरना-प्रदर्शन कर फूंका सरकार का पुतला
किसानों ने खरीद सीमा हटाने और मंडियों में पहुँची फसल की खरीद सुनिश्चित संबधित मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
Farmer Protests: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। मंडियों में धान के ढेर बढ़ते जा रहे हैं और खरीद व्यवस्था अब भी इंतजार में है। खरीद शुरू होने के शुरूआती दिनों में ही किसानों का धैर्य जवाब देने लगा है। खरीद में देरी, फसल उठान नहीं होने, 24 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीद सीमा, पंजीकरण-वेरिफिकेशन की पेचीदगियों और खाद की किल्लत के विरोध में रविवार को रोड़ी और कालांवाली में किसानों ने प्रदर्शन किया। रोड़ी में भारतीय किसान एकता ने सरकार का पुतला फूंका, जबकि कालांवाली में पगड़ी संभाल जट्टा के बैनर तले किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना दिया। किसानों का कहना है कि अभी तो आवक शुरू हुई है, अगर खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में मंडियों में फसल रखने तक की जगह नहीं बचेगी।
रोड़ी में 2,300 क्विंटल धान सात दिन से इंतजार में
रोड़ी अनाज मंडी में करीब 2,300 क्विंटल धान पहुंच चुका है। करीब 50 किसानों के गेटपास भी कट चुके हैं, लेकिन अब तक खरीद और उठान शुरू नहीं हुआ। किसानों के मुताबिक वे 27 सितंबर से अपनी फसल लेकर मंडी में बैठे हैं। खुले में पड़ी फसल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। किसान भूपेंद्र सिंह की धान चोरी होने की बात भी सामने आई है। किसानों का कहना है कि राइस मिल मालिकों की हड़ताल के कारण मिलों का पंजीकरण नहीं हो सका, जिसका सीधा असर धान की खरीद और उठान पर पड़ा है। शनिवार को किसानों और प्रशासन के बीच डीसी के साथ बैठक हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। डीएमई राहुल कुंडू ने राइस मिलरों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार से खरीद शुरू होने का आश्वासन दिया है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को बीकेई नेता गुरप्रीत सिंह जैलदार की अध्यक्षता में किसानों और मजदूरों ने प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंका। बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि खरीद में देरी के साथ जिलेवार खरीद लिमिट और पंजीकरण-वेरिफिकेशन की जटिल प्रक्रिया ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। उन्होंने खरीद सीमा हटाने और लंबित पंजीकरण जल्द पूरा करने की मांग की।
डबवाली क्षेत्र में 10,944 क्विंटल आवक, खरीद 75 क्विंटल
डबवाली क्षेत्र की मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है, लेकिन खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है। अब तक विभिन्न मंडियों में कुल 10,944 क्विंटल धान पहुंच चुका है, जबकि सरकारी खरीद केवल 75 क्विंटल हुई है। डबवाली अनाज मंडी में 5,627 क्विंटल आवक हुई, जिसमें से महज 75 क्विंटल की खरीद हुई है। 5,552 क्विंटल धान अभी खरीद का इंतजार कर रहा है। देसूजोधा मंडी में 3,603 क्विंटल, अबूबशहर में 516, हैबुआना में 430, कालुआना में 308, मौजगढ़ में 300 और जंडवाला बिश्नोइयां में 160 क्विंटल धान पहुंच चुका है। चट्ठा, लोहगढ़ और चौटाला खरीद केंद्रों पर अभी धान की आवक दर्ज नहीं हुई है।
कालांवाली में 24 क्विंटल सीमा के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
कालांवाली में पगड़ी संभाल जट्टा के बैनर तले किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना दिया। किसानों ने धान की खरीद सीमा, खाद की किल्लत और फसल पंजीकरण में आ रही दिक्कतों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला फूंका। हलका अध्यक्ष कुलदीप सिंह सुखचैन ने कहा कि सरकार ने धान की खरीद के लिए 24 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय की है, जबकि किसानों के अनुसार एक एकड़ में 32 से 40 क्विंटल तक उत्पादन हो रहा है। ऐसे में 24 क्विंटल से अधिक उपज की सरकारी खरीद नहीं होने का डर किसानों को सता रहा है। किसानों ने सरकार से खरीद सीमा हटाने और मंडियों में पहुंच रही पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करने की मांग की।