Haryana Agriculture News: हरियाणा के किसानों की सीएम सैनी ने कर दी बल्ले-बल्ले, ₹8,000 के साथ मिलेगा अतिरिक्त बोनस, बस आपको करना होगा ये काम

Haryana Agriculture News: हरियाणा के किसानों की सीएम सैनी ने कर दी बल्ले-बल्ले, ₹8,000 के साथ मिलेगा अतिरिक्त बोनस, बस आपको करना होगा ये काम

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Haryana News : चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत और प्रोत्साहन देने वाली योजना शुरू की है। प्रदेश में लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने और पानी की बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना चला रही है। इस योजना के तहत धान की खेती छोड़कर कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें उगाने वाले किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

सभी जिलों में लागू हुई योजना | Haryana News 

राज्य सरकार ने इस योजना को हरियाणा के सभी जिलों में लागू कर दिया है। योजना के लिए 20 मई से पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है, जिनमें पानी की खपत कम हो और भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिले।

इन फसलों की खेती पर मिलेगा लाभ

योजना के तहत धान की जगह कम पानी वाली फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • मक्का
  • कपास
  • अरहर
  • मूंग
  • मोठ
  • उड़द
  • ग्वार
  • सोयाबीन
  • तिल
  • अरंडी
  • मूंगफली
  • चारा फसलें
  • खरीफ प्याज
  • बागवानी एवं सब्जियां
  • कृषि वानिकी (पॉपलर और सफेदा)

इन फसलों की खेती करने पर किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता मिलेगी।

अतिरिक्त बोनस का भी प्रावधान

सरकार ने दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी घोषित किया है। ऐसे किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ बोनस दिया जाएगा।

इसके अलावा खेतों में हरी खाद के रूप में ढैंचा उगाने वाले किसानों को 1,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, डीएसआर मशीन से धान की सीधी बुवाई करने वाले किसानों को भी विशेष प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्त

योजना का लाभ उठाने के लिए किसान का ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।

ऐसे करें आवेदन

  • सबसे पहले ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर जाएं।
  • किसान पंजीकरण विकल्प का चयन करें।
  • अपनी फसल और भूमि संबंधी जानकारी दर्ज करें।
  • धान की जगह बोई जाने वाली वैकल्पिक फसल का विवरण भरें।
  • आवेदन सबमिट करें।

आवेदन की जांच के बाद कृषि विभाग पात्र किसानों के बैंक खाते में सीधे प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करेगा।

जल संरक्षण के साथ बढ़ेगी किसानों की आय

‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना का उद्देश्य केवल जल संरक्षण ही नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना भी है। कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा मिलने से भूजल स्तर में सुधार होगा और किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता का लाभ भी मिलेगा।

 

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