विदेश से आए हरियाणवी छात्रों को होटलों में मिले कमरे तो बोले…थैंक्स सच कहूँ

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सच कहूँ में प्रमुखता के साथ प्रकाशित की गई थी इनकी समस्या

(Thanks Sachkahoon)

  • विदेशों से लाकर अव्यवस्थित कम्युनिटी सेंटर में ठहरा दिए थे छात्र

संजय मेहरा/सच कहूँ गुरुग्राम। हमने पूरी सच्चाई और ईमानदारी के साथ उन हरियाणवी छात्रों की समस्या को आवाज दी, जो कि कोरोना के भय से विदेशों से लाए गए थे। उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर-21 में अव्यवस्थित कम्युनिटी सेंटर में ठहराया गया था। सच कहूँ में तस्वीरों के साथ अव्यवस्था को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया तो सरकार और प्रशासन की आँखें खुली। जो प्रशासन उन्हें ठहरने के लिए चार आॅप्शन दे रहा था, जिसमें तीन पैसों में व एक फ्री में था। अब उसी प्रशासन ने इन छात्रों को बिल्कुल मुफ्त में होटलों में आॅलीशन कमरे उपलब्ध कराए।

बता दें कि शुक्रवार को विदेशों से 64 भारतीय छात्रों को लाया गया था। जिन राज्यों के छात्र थे, उन्हें एयरपोर्ट पर जांच के बाद उन्हीं राज्यों की सरकारों द्वारा ले जाया गया। हरियाणा के सभी छात्रों को गुरुग्राम में क्वारंटाइन किया गया। इन्हीं छात्रों में से 19 को यहां सेक्टर-21 के कम्युनिटी सेंटर में ठहराया गया था। विदेशी धरती से बेशक ये छात्र स्वदेश लौटे हों, लेकिन यहां की सुविधाएं उन्हें रास नहीं आई। (Thanks Sachkahoon) यूं कहें कि यहां कुछ सुविधाएं थी ही नहीं। ना तो टॉयलेट में पानी, ना बाथरूम में और ना वाश बेसिन में। साथ ही सफाई का बुरा हाल। बिना मास्क चाय का आवंटन समेत कई कमियां इन छात्रों ने सच कहूँ से सांझा की। रविवार के अंक में सच कहूँ में ‘‘विदेशों से आए छात्र बोले…या तो हमें अच्छी सुविधा दो, या घर भेज दो’’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी।

अब होटलों में ठहराए और एक कमरे में एक ही छात्र

रविवार की शाम होते-होते इन छात्रों ने सच कहूँ संवाददाता को कॉल करके कहा कि थैंक्यू सर…। थैंक्यू सच कहूँ। हमारी हेल्प करने के लिए थैंक्स। इससे पहले कि उनसे पूछा जाता, उन्हें नॉन स्टॉप बताना शुरू कर दिया कि उन्हें कम्युनिटी सेंटर से अच्छे होटल में ठहरा दिया गया है। जिन कमरों के महंगे रेट तय कर रखे थे, अब उन्हें बिल्कुल मुफ्त में ठहराया गया है।

  • यही नहीं, वे यहां पहुंचने के दूसरे दिन तो मांग कर रहे थे
  • कि उन्हें एक कमरे में दो-दो, तीन-तीन के हिसाब से ठहरा दें।
  • अब उन्हें प्रति छात्र एक कमरा दिया गया है।
  • यह और भी अच्छा हो गया। छात्रों ने खुशी जताई।
  • अब उन्हें अपने सेंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
  • जैसे ही रिपोर्ट नेगेटिव आएगी तो उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
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