हर मोड़ पर खतरा, हर दिन हजारों लोगों की परीक्षा ले रहा लोहगढ़ पुल

हादसे को दे रहा न्योता लोहगढ़ का लिंक चैनल पुल, कब जागेंगे जिम्मेदार?

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डबवाली (सच कहूँ/सुभाष)। Dabwali News: उपमंडल के गांव लोहगढ़ के पास इंदिरा गांधी नहर एवं सरहद फीडर के लिंक चैनल पर बना पुल अब लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि चिंता का कारण बन गया है। पुल की संकरी चौड़ाई और नहर पर बने खतरनाक मोड़ के कारण यहां हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। राष्ट्रीय दैनिक सच कहूँ के विशेष जनहित अभियान 'जनसमस्या से समाधान तक—सच कहूँ आपके द्वार' के तहत क्षेत्रवासियों ने इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए जिला प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।

पंजाब की ओर जाने वाले इस प्रमुख संपर्क मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें स्कूल बसें, ट्राले, ट्रक, कृषि यंत्र और अन्य भारी वाहन शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि वर्षों से हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के संबंधित विभाग इस पुल की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहे हैं, जबकि आम लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ माह पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष भी यह गंभीर समस्या रखी गई थी, लेकिन उसके बाद भी किसी विभाग ने ठोस पहल नहीं की। नतीजातन पुल का चौड़ीकरण, मरम्मत और खतरनाक मोड़ को दुरुस्त करने का कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका।

ग्रामीण बोले—किसी बड़े हादसे से पहले हो समाधान

गांव के सरपंच मनदीप सिंह ने बताया कि अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण जगमीत सिंह ने कहा कि हर दिन लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से गुजरते हैं। गांव के पंच रमेश कुमार का कहना है कि यदि समय रहते पुल का चौड़ीकरण और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीण प्रवीण कुमार, सुनील कुमार, मोंटी और देवेंद्र कुमार ने बताया कि पुल की खराब स्थिति का असर क्षेत्र के व्यापार और आवागमन पर भी पड़ रहा है। भारी वाहनों के फंसने से कई बार लंबा जाम लग जाता है, जिससे परिवहन प्रभावित होता है और व्यापारियों, किसानों तथा आम लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

अब ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि जनहित को देखते हुए लिंक चैनल पुल का शीघ्र चौड़ीकरण कराया जाए। साथ ही पुल की आवश्यक मरम्मत कराई जाए तथा खतरनाक मोड़ को तकनीकी मानकों के अनुरूप सीधा किया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके और भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

इस संबंध में रोडी डिवीजन के सिंचाई विभाग के अधिकारी रोहतास से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पुल का रखरखाव राजस्थान और पंजाब के संबंधित विभागों के अधीन है। ऐसे में जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागों के बीच जिम्मेदारी तय न होने से वर्षों से यह समस्या अधर में लटकी हुई है।

सच कहूँ सवाल
जब यह पुल प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही का मुख्य मार्ग है, तो इसके चौड़ीकरण और सुधार की फाइल आखिर वर्षों से क्यों अटकी हुई है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेंगे?

जनसमस्या से समाधान तक- सच कहूँ आपके द्वार

क्या आपके गांव, कस्बे या शहर में भी कोई ऐसी जनसमस्या है, जिस पर संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहा? राष्ट्रीय दैनिक सच कहूँ के अभियान जनसमस्या से समाधान तक- सच कहूँ आपके द्वार से जुड़ें। आपकी आवाज को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान की पहल की जाएगी। अपनी समस्या की जानकारी, फोटो और वीडियो सहित व्हाट्सएप करें : 94162-35518 या ई-मेल करें sirsasachkahoon07@gmail.com

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