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Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में गूंजा भारत का दम, बॉक्सरों ने स्वर्ण पदकों की लगा दी झड़ी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारतीय मुक्केबाजों ने किया गोल्डन क्लीन स्वीप, इतिहास रचा
Commonwealth Games 2026: ग्लासगो, (एजेंसी)। भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्णिम पंच जड़े और कुल सात स्वर्ण तथा तीन रजत सहित दस पदक जीते। यह भारत का राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने तीन गोल्ड मेडल के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के रिकॉर्ड को कहीं पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ 2026 का इवेंट नई दिल्ली 2010, गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 से आगे निकलकर भारत का सबसे सफल बॉक्सिंग कैंपेन बन गया है।
साक्षी चौधरी (महिला 51किग्रा), प्रीति पवार (महिला 54किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57किग्रा), प्रिया घनघस (महिला 60किग्रा), अरुंधति चौधरी (महिला 70किग्रा), सचिन सिवाच (पुरुष 60किग्रा) और अंकुश पंघाल (पुरुष 80किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि नरेंद्र बेरवाल (पुरुष 90किग्रा), जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम (पुरुष 55किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (महिला 75किग्रा) के हिस्से में रजत पदक आये।
प्रीति पवार ने 54 किग्रा भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की अपनी प्रतिद्वंंद्वी एस एस डेलगाडो हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। आज यहां हुए मुकाबले में प्रीति ने कनाडा की एसएस डेलगाडो के खिलाफ 5-0 से जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक जीता। दिन के दूसरे मुकाबले में जैस्मिन लैंबोरिया ने 57 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 (सर्वसम्मत निर्णय) से हराकर भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता। साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हराकर महिलाओं के 51 किग्रा इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
प्रिया घनघस ने कनाडा की एम.बी. अल-अहमदियेह (जो 2026 बॉक्सम इंटरनेशनल में ब्रॉन्ज मेडलिस्ट रह चुकी हैं) को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता। अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड (जो 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप, लिवरपूल की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट थीं) को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
सचिन सिवाच ने आखिरी राउंड में जबरदस्त वापसी करते हुए नामीबिया के ट्राइअगेन मॉर्निंग न्डेवेलो को 3-2 के स्प्लिट फैसले से हराया और पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। आखिरी राउंड से पहले पीछे चल रहे भारतीय बॉक्सर ने मुकाबले में बढ़त बनाई और ग्लासगो 2026 में भारत के छठे बॉक्सिंग गोल्ड मेडलिस्ट बने। अंकुश (80 किग्रा) ने 2025 विश्व मुक्केबाजी कप के स्वर्ण पदक विजेता इंग्लैंड के डी. शिट्टू पर 4-1 के विभाजित फैसले के साथ स्वर्ण पदक जीता। अंकुश इसके साथ ही ग्लासगो 2026 में भारत के सातवें बॉक्सिंग गोल्ड मेडलिस्ट बन गए।
लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उन्हें आॅस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से 4-1 के स्प्लिट फैसले में हार का सामना करना पड़ा। इस भारतीय बॉक्सर ने अपने मेडल कलेक्शन में राष्ट्रमंडल खेलों का सिल्वर मेडल भी शामिल कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने ओलंपिक गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल का पूरा सेट पूरा कर लिया है।
पुरुषों के 55 किग्रा फाइनल में आॅस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से सर्वसम्मति से हारने के बाद जादुमणि सिंह ने सिल्वर मेडल जीता। नरेंद्र (90 प्लस किग्रा) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता।