घरौंडा के बरसत स्कूल में एसडीएम का छापा, शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
घरौंडा के बरसत मे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एसडीएम राजेश कुमार सोनी का छापा, विधार्थी व टीचर बन जाँचा पढ़ाई का स्तर, बच्चों से किया संवाद व्यवस्थाओं का लिया जायजा
घरौंडा/करनाल (सच कहूँ न्यूज़)। Gharaunda News: घरौंडा क्षेत्र के बरसत गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार सुबह एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे सीधे कक्षाओं में पहुंचे और छठी कक्षा में बच्चों के साथ बेंच पर बैठकर पढ़ाई का स्तर जांचा। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछे, किताबें पढ़वाईं और उनकी समझ का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्कूल की सफाई, बिजली, शौचालय और मिड डे मील की गुणवत्ता भी जांची गई।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम राजेश कुमार सोनी छठी कक्षा में पहुंचे, जहां अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहे थे। एसडीएम खुद बच्चों के बीच बेंच पर बैठ गए और शिक्षक को पढ़ाते हुए देखा। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछे और किताब पढ़वाकर उनकी क्षमता को परखा। इसके बाद छठी कक्षा के दूसरे सेक्शन में पहुंचे, जहां बच्चों ने संतुलित आहार विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत की।इसके बा द एसडीएम सातवीं, आठवीं, नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं में भी पहुंचे। उन्होंने हर कक्षा में पढ़ाए जा रहे विषयों से जुड़े सवाल पूछे और पिछले दिनों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। बच्चों से उनके भविष्य के लक्ष्य भी पूछे गए। कई बच्चों ने डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और इंस्पेक्टर बनने की इच्छा जताई।
पंजाबी की कक्षा में बच्चों को ह्लमुझे गुस्सा क्यों आता हैह्व विषय दिया गया, जबकि अंग्रेजी की कक्षा में ह्लहमें कड़ी मेहनत क्यों करनी चाहिएह्व जैसे भाव लिखने को कहा गया। बच्चों ने इन विषयों पर अपने-अपने जवाब कॉपियों में लिखे। बच्चों ने सीखा कि कैसे हम गुस्से पर काबू पा सकते है और कैसे मेहनत करके आगे बढ़ सकते है।
एसडीएम सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर ही स्कूल पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने प्रधानाचार्य कार्यालय में जाकर शिक्षकों का हाजिरी रजिस्टर अपने कब्जे में लिया। कुछ शिक्षक छुट्टी पर थे, जबकि बाकी शिक्षक स्कूल में मौजूद मिले। हालांकि कुछ शिक्षक थोड़ी देरी से पहुंचे और बच्चे भी करीब साढ़े 8 बजे तक आते रहे। जब एसडीएम ने बच्चों से देरी का कारण पूछा तो सामने आया कि कई बच्चे डेरा संजयनगर और अन्य डेरों से पैदल स्कूल आते हैं, जिससे उन्हें देर हो जाती है। कुछ बच्चे खाली पेट भी स्कूल पहुंचते हैं। इस पर एसडीएम ने बच्चों को समय पर आने के लिए प्रेरित किया।
बच्चों के जूते और भोजन को लेकर भी उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई बच्चों के पैरों में जूते नहीं थे। इस पर एसडीएम ने सामाजिक सहयोग से जूतों की व्यवस्था करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि जो बच्चे बिना कुछ खाए स्कूल आते हैं, उनके लिए भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार को लिखा जाएगा। ऐसे में स्कूल प्रबंधन द्वारा सोलर लाइट लगवाए जाने की भी मांग रखी गई, ताकि बिजली सप्लाई में किसी तरह की कोई बाधा न आए, जिस पर एसडीएम ने संबंधित डिपार्टमेंट से बात करने की बात कही।
मिड डे मील में सामने आईं खामियां
मिड डे मील के निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। बच्चों ने इंस्टेंट खीर में रुचि नहीं दिखाई। पहले दूध और चावल से बनने वाली खीर बच्चों को पसंद आती थी, लेकिन अब वह व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा दाल, राजमा और चने ठीक से नहीं गलते और सब्जी भी सही तरीके से नहीं बन पाती। मिड डे मील इंचार्ज ने बताया कि अब राशन एक एग्रो कंपनी के माध्यम से आता है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर समस्याएं हैं। बच्चों को यह खाना पसंद नहीं आ रहा। इंचार्ज ने अनुरोध किया कि पहले की व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें स्कूल स्तर पर ही सामग्री खरीदी जाती थी। इस पर एसडीएम ने संबंधित विभाग से बात करने का आश्वासन दिया।
सफाई, बिजली और वेंटिलेशन की जांच
निरीक्षण केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। एसडीएम ने पूरे स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने शौचालयों की स्थिति, कक्षाओं की सफाई, लाइट व्यवस्था और वेंटिलेशन की जांच की। जहां कहीं भी कमी मिली, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने सुबह की प्रार्थना सभा को अच्छा बताया, लेकिन इसमें योग, पीटी और अन्य गतिविधियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए ये गतिविधियां जरूरी हैं। बताया जा रहा है कि एसडीएम राजेश कुमार सोनी लगातार सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले वे कोहंड और लालूपुरा के स्कूलों का भी निरीक्षण कर चुके हैं। शनिवार को बरसत गांव के स्कूल में उनकी यह कार्रवाई इसी क्रम का हिस्सा रही।
एसडीएम बोले-बच्चों के सपनों को पूरा करना जरूरी
पत्रकारों से बातचीत में एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान बच्चों का शैक्षिक स्तर जांचा गया है। यह देखा गया कि बच्चे पढ़ाई को समझ पा रहे हैं या नहीं और किताब पढ़ने में सक्षम हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि बच्चों से उनके जीवन के लक्ष्य पूछे गए, जिसमें बच्चों ने डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और इंस्पेक्टर बनने की इच्छा जताई। सभी बच्चों के अपने सपने हैं और वे इन्हें पूरा करने के लिए स्कूल आते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा भी बच्चों को पढ़ाने में मेहनत की जा रही है। जो बच्चे दूर से आते हैं या लेट होते हैं, उनके लिए शिक्षकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मिड डे मील और अन्य समस्याओं पर लिखा जाएगा
एसडीएम ने बताया कि मिड डे मील को लेकर जो समस्याएं सामने आई हैं, उन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। एग्रो कंपनी से आने वाले राशन की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बच्चों के पास जूते नहीं हैं, उनके लिए सामाजिक स्तर पर व्यवस्था की जाएगी। जो बच्चे बिना खाना खाए स्कूल आते हैं, उनके लिए भी उचित कदम उठाने के लिए सरकार को लिखा जाएगा।
