सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से लुधियाना बना कूड़ाघर, 8,800 मीट्रिक टन कचरा जमा
कर्मचारियों की हड़ताल नौवें दिन भी रही जारी, बरसात के मौसम में बीमारियाँ फैलने का बढ़ा खतरा
लुधियाना (सच कहूँ/सुरेन्द्र कुमार शर्मा)। Sanitation Workers' Strike: बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब भर में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब लुधियाना में गंभीर सफाई संकट का रूप ले चुकी है। शनिवार को हड़ताल नौवें दिन में प्रवेश कर गई, जिसके चलते नगर निगम की कचरा उठाने की व्यवस्था लगभग ठप हो गई है। इसके परिणामस्वरूप शहर में करीब 8,800 मीट्रिक टन कचरा जमा हो चुका है। शहर की मुख्य सड़कों, चौकों, बाजारों, रिहायशी इलाकों और गलियों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जबकि बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियाँ फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
हड़ताल के कारण घरों, दुकानों, होटलों, सब्जी मंडियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाला कचरा निर्धारित स्थानों से नहीं उठाया जा रहा है। इसके चलते शहर के कई हिस्सों में सड़कें ही कचरा फेंकने की जगह बन गई हैं। शहर के मिड्डा चौक, प्रताप चौक, चीमा चौक, मॉडल ग्राम, बस स्टैंड तथा अन्य कई क्षेत्रों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। मिड्डा चौक के पास कचरे का ढेर इतना बड़ा हो गया है कि सड़क की एक लेन लगभग बंद हो गई है, जिससे यहाँ लगातार यातायात प्रभावित हो रहा है।
उधर नगर निगम आयुक्त ओजस्वी अलंकार ने माना कि स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगें पंजाब सरकार तक पहुंचा दी गई हैं और बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम सामने आएगा और सफाई सेवाएँ फिर से सामान्य हो जाएंगी।
नगर निगम के आँकड़ों के अनुसार लुधियाना में प्रतिदिन लगभग 1,100 मीट्रिक टन ठोस कचरा उत्पन्न होता है। जमालपुर स्थित लेगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में इसमें से केवल 300 मीट्रिक टन कचरे का ही निस्तारण हो रहा है, जबकि शेष लगभग 800 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन जमा होता जा रहा है। हड़ताल के 9 दिनों में यह मात्रा बढ़कर लगभग 8,800 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। हालांकि नगर निगम ने हाल ही में कचरा निस्तारण क्षमता बढ़ाने के दावे किए थे, लेकिन मौजूदा स्थिति ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया है। दूसरी ओर सफाई कर्मचारी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि बरनाला की घटना में नामजद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने तक हड़ताल जारी रहेगी। यूनियन नेताओं का कहना है कि केवल अधिकारियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।