शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से देश के युवाओं का भरोसा उठ चुका, जिसके लिए बीजेपी सरकार है जिम्मेदार – दीपेन्द्र हुड्डा
छात्रों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था को लेकर दीपेन्द्र हुड्डा ने सरकार पर साधा निशाना
सोनीपत/खरखौदा (सच कहूँ/ हेमंत कुमार)। Kharkhoda News: सांसद दीपेन्द्र हुड्डा रविवार को गाँव फरमाना में भोला पहलवान को जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने के सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा आधी जीत है। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव होने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आंदोलनरत बच्चों को लाठियों से पीटा, आंसू गैस के गोले मारकर तानाशाही और अत्याचार की सारी हदें पार कर दी। संसद मार्च के दौरान देश के नौजवान छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज अंग्रेजी साम्राज्य के दौरान भारतीयों पर होने वाले अत्याचारों की याद दिला रहा था। लोकतंत्र में लाठियों से नहीं संवाद से समाधान होना चाहिए।
कांग्रेस सरकार के 10 साल के कार्यकाल में कभी भी एक लाठी नहीं चली। दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा में पेपर लीक घोटाले की बात करते हुए कहा कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक हरियाणा में हुए हैं। पेपर लीक के मामले में हरियाणा पूरे देश में नंबर 1 बन गया है। हरियाणा की सरकार खर्चा-पर्चा सरकार है। यानी खर्चा करो पर्चा आउट कराओ। एचपीएससी के दफ्तर में करोडों रुपये की बरामदगी हुई। एचपीएससी, एचएसएससी में परचून की दुकान की तरह नौकरियों की रेट लिस्ट मिली। जब नीट पेपर लीक होने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं। तो हरियाणा एचपीएससी के पेपर लीक के लिए एचपीएससी चेयरमैन इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे। उन्होंने मांग की है कि हरियाणा एचपीएससी के चेयरमैन इस्तीफा दें और मुख्यमंत्री प्रदेश में पेपर लीक घोटाले की जिम्मेदारी लें।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश के युवाओं का भविष्य चौपट कर दिया। रोजगार समाप्त हो गया। आज हर वर्ग इस सरकार से सवाल पूछ रहा है। बीजेपी सरकार जंतर-मंतर पर आंदोलनरत बच्चों पर जुल्म ढाती रही। जब बीजेपी सरकार का सिंहासन डोलने लगा तो इन्हें लगा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो अगला नंबर सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे का होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अपने आप नहीं हुआ बल्कि जनता ने छाती पर चढ़कर लिया है। यानी जनता ने देश के शिक्षा मंत्री को बर्खास्त कर दिया। ये केवल एक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं था बल्कि देश की जनता ने भाजपा सरकार के घमंड को तोड़ दिया लेकिन जब तक ये घमंड चकनाचूर नहीं होगा तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक जगबीर सिंह मलिक, पूर्व सीपीएस जयवीर बाल्मीकि, पूर्व विधायक सुरेन्द्र पँवार, पूर्व विधायक सुखबीर फरमाना, पूर्व विधायक पदम सिंह दहिया, जय भगवान अंतिल, जिला ग्रामीण अध्यक्ष संजीव दहिया, सुरेन्द्र दहिया, रौनक खत्री, भोला पहलवान, दहिया खाप के प्रधान जयपाल दहिया, गहलावत खाप के प्रधान दयानन्द गहलावत, सुनील दहिया, जोगिंदर दहिया, मनोज रीढाऊ, सुरेंद्र शर्मा,अंजू बाला खटक आदि मौजूद रहे।
